साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

22-Nov-2025 07:51 PM

आपूर्ति की अधिकता से दिल्ली, यूपी एवं राजस्थान में गेहूं का भाव नरम  

नई दिल्ली। दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है जबकि उसके मुकाबले मांग देखी जा रही है। रबी सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न की जोरदार बिजाई जारी है और आरम्भिक संकेतों से प्रतीत होता है कि इसका क्षेत्रफल एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। इससे उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होगी। 
दिल्ली 
15 से 21 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 25 रुपए गिरकर 2780/2800 रुपए प्रति क्विंटल, डबरा में 45 रुपए गिरकर 2550/2580 रुपए, इटारसी में 70 रुपए घटकर 2350/2450 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोटा में 85 रुपए घटकर 2400/2535 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। 
एमपी 
लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन एवं राजस्थान के बूंदी में गेहूं का भाव क्रमश: 100 रुपए एवं 40 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। खंडवा में भी 50 रुपए की तेजी रही। 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में रोजाना 5-7 हजार बोरी गेहूं की आवक हुई। इसी तरह गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में भी गेहूं की अच्छी आपूर्ति देखी जा रही है। 
बिक्री 
भारतीय खाद्य निगम ने खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत 12 नवम्बर को गेहूं कई नीलामी बिक्री आरंभ की थी मगर मिलर्स / प्रोसेसर्स द्वारा सरकारी गेहूं की खरीद में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई गई और 2 लाख टन के ऑफर के सापेक्ष केवल 73 हजार टन गेहूं खरीदा जा सका। 
उत्पादन 
गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू है और अगला उत्पादन शानदार होने वाला है। सरकार ने 2024-25 के सीजन में 1179 लाख टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन आंका है। इससे बाजार पर दबाव जारी रहने की संभावना है। कहीं-कहीं दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास या उससे नीचे आ गया है। इससे वर्तमान आरक्षित मूल्य पर खाद्य निगम को अपना स्टॉक बेचने में कठिनाई हो सकती है।