साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
14-Feb-2026 07:54 PM
साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
गेहूं के सुस्त एवं बेजान बाजार में सरकारी निर्णय से बढ़ेगी हलचल
नई दिल्ली। मिलर्स-प्रोसेसर्स की सीमित खरीद एवं मंडियों में अच्छी आवक होने से 7-13 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव बेहद कमजोर रहा और इसमें 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई।
निर्यात
केन्द्र सरकार ने बाजार को संभालने के लिए 25 लाख टन गेहूं के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की है और गेहूं उत्पादों का निर्यात कोटा भी 5 लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन नियत कर दिया है। इसके फलस्वरूप आगामी समय में बाजार में हलचल बढ़ने की उम्मीद है।
दिल्ली
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 60 रुपए गिरकर 2725/2740 रुपए, राजकोट में 200 रुपए लुढ़ककर 2200/2800 रुपए प्रति क्विंटल, देवास में 100 रुपए घटकर 2400/3000 रुपए प्रति क्विंटल, उज्जैन में 50 रुपए फिसलकर 2325/2900 रुपए प्रति क्विंटल, इटारसी में 150 रुपए लुढ़ककर 2380/2430 रुपए प्रति क्विंटल, कोटा में 115 रुपए घटकर 2300/2410 रुपए प्रति क्विंटल, बूंदी में 90 रुपए गिरकर 2350/2430 रुपए प्रति क्विंटल तथा गोरखपुर में 100 रुपए घटकर 2500 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
उत्तर प्रदेश / राजस्थान
यूपी की कुछ अन्य मंडियों में भी गेहूं के दाम में 50-75 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई। राजस्थान सरकार ने गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है लेकिन फिर भी वहां थोक मंडी भाव घट गया। मिलर्स / प्रोसेसर्स के पास गेहूं का अच्छा स्टॉक मौजूद है इसलिए वे सरकारी गेहूं की खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उन्हने खुली मंडियों से ही अब तक समुचित मात्रा में सस्ते दाम पर गेहूं खरीदने का अवसर मिल रहा था।
