साप्ताहिक समीक्षा-हल्दी

03-May-2025 07:59 PM

हल्दी कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं 

नई दिल्ली। जानकार सूत्रों का कहना है कि हल्दी की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि मराठवाड़ा को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में हल्दी की दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि मराठवाड़ा लाइन पर भी 15/20 मई के पश्चात आवक घटने लगेगी। जिस कारण आगामी दिनों में हल्दी के दाम तेज रहने की संभावना है। चालू सप्ताह के दौरान वायदा बाजार में भी हल्दी के भाव मजबूती के साथ बंद हुए है। उल्लेखनीय है कि वायदा बाजार में चालू सप्ताह के शुरू में मई की हल्दी 14220 रुपए खुली थी जोकि सप्ताह के अंत में 14254 रुपए पर बंद हुई जबकि जून माह में हल्दी 14220 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 14476 रुपए पर बंद हुई। हालांकि हाजिर बाजारों में हल्दी का व्यापार कम रहा लेकिन वायदा के तेज समाचारों के चलते भाव मजबूत रहे।
उपलब्धता कम 
चालू सीजन के दौरान हल्दी की उपलब्धता खपत एवं निर्यात को मिलाकर कम रहेंगे। जिस कारण से व्यापारिक मनोवृत्ति बाजार में तेजी की बनी हुई है। एक अनुमान के अनुसार चालू सीजन के दौरान देश में हल्दी का उत्पादन 70/72 लाख बोरी के अलावा बकाया स्टॉक 12/14 लाख बोरी को मिलकर 82/85 लाख बोरी के आसपास रहेगी। जबकि निर्यात एवं लोकल खपत को मिलाकर लगभग 1/1.10 करोड़ बोरी की आवश्यकता होती है। 
आवक का अनुमान 
जानकार सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन में अभी तक निजामाबाद लाइन पर हल्दी की कुल आवक 10/11 लाख बोरी की हो चुकी है जबकि उत्पादन 13/14 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। सांगली लाइन पर 7/8 लाख बोरी आवक होने के अनुमान है जबकि सांगली लाइन पर पैदावार 9/10 लाख बोरी होने के समाचार है। ईरोड लाइन पर भी लगभग 75/80 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है। इस वर्ष ईरोड, सेलम लाइन पर हल्दी का उत्पादन 10/11 लाख बोरी होने की संभावना है। वर्तमान में मराठवाड़ा लाइन (हिंगोली, बसमत, नांदेड) पर नई हल्दी की आवक जोरो पर चल रही है। वारंगल एवं दुग्गीराला, कडप्पा लाइन पर आवक सीमित है। 
मंदे की संभावना नहीं 
जानकार सूत्रों का मानना है कि हल्दी की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि गत वर्ष पैदावार कम होने के कारण सभी पाइप लाइन खाली है। अतः स्टॉकिस्टों की बाजार में बराबर लिवाली बनी हुई है। सूत्रों का मानना है कि जब तक मराठवाड़ा लाइन पर आवक का दबाव बना रहेगा तब तक बाजार में अधिक तेजी की संभावना है लेकिन आवक घटने के साथ ही कीमतों में सुधार संभव है। कमजोर उपलब्धता को देखते हुए स्टॉकिस्ट भी घटाकर माल की बिकवाली नहीं करेगा। सूत्रों का मानना है कि जून-जुलाई माह में हल्दी कीमतों में 8/10 रुपए प्रति किलो की तेजी बन जानी चाहिए। 
नुकसान 
जानकार सूत्रों का कहना है कि उत्पादन में 40/45 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले मराठवाड़ा लाइन पर इस वर्ष हल्दी फसल को नुकसान के समाचार मिल रहे हैं। जिस कारण मराठवाड़ा लाइन (बसमत, हिंगोली, नांदेड) पर जो पूर्व में हल्दी उत्पादन के अनुमान 35/36 लाख बोरी के लगाए जा रहे थे वर्तमान में घटकर 28/30 लाख बोरी के लगाए जाने लगे हैं। 
निर्यात अधिक 
वर्ष 2024-25 के प्रथम दस माह में हल्दी निर्यात गत वर्ष की तुलना में अधिक रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-2024 से जनवरी- 2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 1.49 लाख टन का रहा। जोकि अप्रैल- 2023 जनवरी 2024 की 13 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2023-24 में हल्दी का कुल निर्यात 162019 टन का हुआ था। हल्दी का सर्वाधिक निर्यात वर्ष 2020-21 के दौरान 183868 टन का रहा था।