साप्ताहिक समीक्षा-लालमिर्च
22-Nov-2025 08:07 PM
दूसरे वर्ष भी घटेगा लालमिर्च का उत्पादन
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश के अलावा तेलंगाना आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में भी इस वर्ष बिजाई के क्षेत्र में कमी आने के कारण दूसरे वर्ष भी देश में लालमिर्च का उत्पादन घटने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई 259119 एकड़ परकी गई है जबकि वर्ष 2024 में बिजाई 363539 लाख एकड़ एवं वर्ष 2023 में 591722 एकड़ पर की हुई है। इसके अलावा तेलंगाना में भी इसवर्ष लालमिर्च की बिजाई 138460 एकड़ पर की गई। जबकि वर्ष 2024 में बिजाई का क्षेत्रफल 222370 एकड़ एवं वर्ष 2023 में 341326 का रहा था। इसके अलावा मध्य प्रदेश में बिजाई का क्षेत्रफल गत वर्ष की तुलना में 50/60 प्रतिशत ही हो पाया था। कर्नाटक में भी बिजाई 40 प्रतिशत कम रहने के समाचार मिल रहे हैं।
जानकार सूत्रों का कहना है कि पैदावार कम होने के कारण इस वर्ष मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडी बेडिया में लालमिर्च की दैनिक आवक 9/10 हजार बोरी की रही जबकि गत वर्ष आवक 15/16 हजार बोरी की हो गई थी। गत वर्ष मध्य प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन 30/32 लाख बोरी का रहा था वर्ष 2023 में उत्पादन 35/38 लाख बोरी का माना गया था। अभी तक की आवक को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस वर्ष उत्पादन 18/20 लाख बोरी तक सिमट जाएगा।
आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना
लालमिर्च के प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश की हैदराबाद मंडी में नए मालों की आवक शुरू हो गई है। जबकि गुंटूर मंडी में आवक जनवरी माह में शुरू होने के समाचार है। इस वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल घटने के अलावा मौसम भी प्रतिकूल रहा। जिस कारण उत्पादन में अवश्य ही कमी आएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन लगभग 2 करोड़ बोरी का माना गया था जबकि वर्ष 2024 में घटकर देश करोड़ बोरी के आसपास रहा वर्ष 2025-26 के दौरान उत्पादन में पूर्वानुमान 1/1.25 करोड़ बोरी के लगाए जा रहे हैं। तेलंगाना में भी बिजाई क्षेत्रफल में 38 प्रतिशत की कमी आने के कारण लालमिर्च की पैदावार कम रहेगी। वर्ष 2023 में तेलंगाना में लालमिर्च का उत्पादन 75/80 लाख बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 60/65 लाख बोरी का रहा गया था। आने वाली फसल के उत्पादन के पूर्वानुमान 50 लाख बोरी के आसपास रहने की संभावना है।
अधिक मंदा नहीं
कारोबारियों का कहना है कि लालमिर्च की वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है क्योंकि पैदावार कम होने के अलावा मंडियों में अच्छी क्वालिटी का स्टॉक भी कम रह गया है। वर्तमान में गुंटूर मंडी में अधिकतम हल्के मालों की आवक हो रही है। जिस कारण निर्यात मांग सीमित है। गुंटूर मंडी में तेजा क्वालिटी का भाव 153/154 रुपए बोला जा रहा है जबकि 341 क्वालिटी का भाव 180/185 रुपए बोला जा रहा। खम्मम मंडी में भी तेजा का भाव 157/158 रुपए चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि गुंटूर मंडी में नए मालों की आवक शुरू होने तक कीमतों में मंदा संभव नहीं है। नए मालों की आवक बढ़ने पर भाव कुछ समय के लिए घट सकते हैं लेकिन अधिक नहीं। वर्ष 2026 में लालमिर्च के भाव ऊंचे बने रहेंगे।
निर्यात अधिक
वर्ष 2025-26 के प्रथम पांच माह में लालमिर्च का निर्यात 46 प्रतिदिन अधिक रहा है लेकिन चालू सीजन के दौरान कम होने के कारण आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम बोर्ड द्वारा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अगस्त 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 325241 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 4571.22 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल अगस्त- 2024 में लालमिर्च का निर्यात 222557 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 3804.76 करोड़ की रही थी वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 715506 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 11404.90 करोड़ की रही।
