साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन

14-Feb-2026 08:01 PM

अमरीकी करार के असर से सोयाबीन का भाव धड़ाम 

नई दिल्ली। अमरीका के साथ हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते का असर भारतीय सोयाबीन के बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगा है और एक सप्ताह के अंदर ही इसका प्लांट डिलीवरी मूल्य 400-500 रुपए प्रति क्विंटल तक नीचे लुढ़क गया। 7-13 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। 
शुल्क मुक्त आयात 
उल्लेखनीय है कि द्विपक्षीय व्यापारिक करार के तहत अमरीका से सोया तेल एवं डीडीजीएस के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है। इसे घरेलू बाजार में स्वदेशी सोयाबीन तेल एवं सोयामील का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। ध्यान देने की बात है की अभी अमरीकी उत्पादों का आयात आरंभ नहीं हुआ है लेकिन भारतीय बाजार पर गहरा मनोवैज्ञानिक असर पड़ना शुरू हो गया है। 
प्लांट डिलीवरी भाव 
सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी मूल्य जो पहले बढ़कर 5800-5900 रुपए प्रति क्विंटल की उंचाई पर पहुंच गया था वह अब घटकर 5400-5500 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है। आगे इसका दाम और भी इसका दाम और भी घटने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे किसान काफी हताश एवं निराश हैं। 
सोया तेल (रिफाइंड) 
सोयाबीन के दाम में आई भारी गिरावट के कारण सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में भी 2 से 4 रुपए प्रति किलो तक की नरमी देखी गई। इसका भाव हल्दिया में 15 रुपए फिसलकर 1335/1340 रुपए प्रति 10 किलो, कांडला में 25 रुपए गिरकर 1340 रुपए, कोटा में 30 रुपए घटकर 1380 रुपए तथा मुम्बई में 40 रुपए लुढ़ककर 1360 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। सोए तेल के दाम में कमी आने से मिलर्स की आमदनी घट गई। 11 फरवरी को राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में 2.50 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई जबकि प्रत्येक बोरी 100 किलो की थी।
सोया खल (डीओसी) 
महाराष्ट्र में सोया डीओसी का कारोबार सुस्त रहा और उसकी कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। पॉल्ट्री एवं पशु आहार उद्योग में मांग घट गई। लेकिन कीमतों में नरमी का दौर जारी रहने पर सोयामील की निर्यात मांग सुधर सकती है।