सरकारी गेहूं की खरीद में मिलर्स- प्रोसेसर्स की दिलचस्पी कम
05-Feb-2026 11:12 AM
नई दिल्ली । खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से गेहूं बेचने के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा पिछले दिन आयोजित ई-नीलामी में मिलर्स / प्रोसेसर्स की दिनचर्या कम रही। इसके फलस्वरूप गेहूं के ऑफर की कुल मात्रा में से केवल 66 प्रतिशत भाग की ही बिक्री संभव हो सकी।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 4 फरवरी 2026 को आयोजित नीलामी के तहत खाद्य निगम द्वारा कुल 1.26 लाख टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया जिसमें से करीब 83 हजार टन की खरीद मिलर्स / प्रोसेसर्स द्वारा की गई।
इससे पूर्व 28 जनवरी की नीलामी में 73 प्रतिशत, 21 जनवरी की नीलामी में 84 प्रतिशत तथा 14 जनवरी की नीलामी में 92 प्रतिशत गेहूं की बिक्री हुई थी।
इन आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकारी गेहूं की खरीद में मिलर्स / प्रोसेसर्स की दिलचस्पी लगातार घटती जा रही है क्योंकि खुले बाजार में इस खाद्यान्न की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और कीमतों में भी ज्यादा अंतर नहीं देखा जा रहा है।
पंजाब, हरियाणा एवं आसाम जैसे राज्यों में पिछली नीलामी के दौरान गेहूं के लगभग सम्पूर्ण ऑफर का माल खरीद किया गया था लेकिन चालू सप्ताह की नीलामी में वहां भी इसकी मांग कमजोर देखी गई।
4 फरवरी को आयोजित नीलामी के तहत कुल ऑफर के सापेक्ष पंजाब में 95 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई जबकि हरियाणा एवं आसाम में यह 90 प्रतिशत से भी कम रही। पिछले सप्ताह इन राज्यों में लगभग 100 प्रतिशत खरीद हुई थी।
पंजाब में 26 हजार टन गेहूं का ऑफर दिया गया था जिसमें से 24,630 टन की बिक्री हुई। सरकारी गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) 2550 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है।
पंजाब में गेहूं की खरीद का उच्चतम मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। राज्य के फ्लोर मिलर्स एवं प्रोसेसर्स सरकारी गेहूं की अच्छी खरीद कर रहे हैं। खाद्य निगम को वहां आगे भी अपना स्टॉक बेचने में अच्छी सफलता मिल सकती है।
