सोयामील की घरेलू मांग को पूरा करने हेतु देश में पर्याप्त उत्पादन

05-Feb-2026 08:52 PM

मुम्बई। सोयामील की घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए देश में इसका पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहता है और इसलिए विदेशों से खासकर जीएम सोया मील के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है।

इंदौर स्थित संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने आंकड़ों के हवाले से इसका दावा किया है।

सोपा के अनुसार 2025-26 सीजन के दौरान देश में 105.36 लाख टन के उत्पादन, 4.66 लाख टन के पिछले बकाया स्टॉक तथा 7 लाख टन के संभावित आयात के साथ सोयाबीन की कुल उपलब्धता 117.02 लाख टन पर पहुंचेंगे। ध्यान देने की बात है कि सोयाबीन उत्पादन का यह आंकड़ा सोपा का है जबकि सरकारी आंकड़ा इससे बहुत ऊंचा है। 

इस 117.02 लाख टन की कुल उपलब्धता में से 12 लाख टन का स्टॉक अगली बिजाई के लिए सुरक्षित रखा जाएगा 5 लाख टन का सीधा उपयोग होगा और 97 लाख टन का स्टॉक का उपयोग क्रशिंग-प्रोसेसिंग में किया जाएगा सीजन के अंत में करीब 3 लाख टन सोयाबीन का अधिशेष स्टॉक बचा रहेगा। 

इस 97 लाख टन की क्रशिंग से 76.54 लाख टन सोयामिल का निर्माण होगा जबकि सीजन के आरंभ में 68 टन का बकाया स्टॉक मौजूद था।

यदि विदेशों से आयात नहीं हुआ तो सोयामील की कुल उपलब्धता 77.22 लाख टन पर पहुंचेगी। इसमें से 8 लाख टन का निर्यात, 8 लाख टन का घरेलू खाद्य उपयोग तथा 60 लाख टन का घरेलू फीड उपयोग यानी कुल 76 लाख टन का इस्तेमाल होने की उम्मीद है जबकि मार्केटिंग सीजन के अंत में 1.22 लाख टन सोया मील का अधिशेष स्टॉक बचा रह सकता है।