शुरूआती बढ़त के बाद उड़द की बिजाई पिछड़ी

20-Jul-2024 03:35 PM

नई दिल्ली। म्यांमार से नियमित रूप से अच्छी मात्रा में आयात होने के बावजूद घरेलू प्रभाग में उड़द का भाव सरकारी समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी ऊंचा चल रहा है जिसे देखते हुए चालू खरीफ सीजन में इसके बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही थी। आरंभिक चरण में इसके स्पष्ट संकेत भी मिल रहे थे। पिछले सप्ताह तक उड़द का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा था जब यह 12.75 लाख हेक्टेयर की तुलना में 13.90 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था। हालांकि पिछले एक सप्ताह के अंतर इसकी जोरदार बिजाई हुई और 19 जुलाई तक राष्ट्रीय स्तर पर इसका कुल क्षेत्रफल 19.62 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर फिर भी यह पिछले साल के उत्पादन क्षेत्र 19.86 लाख हेक्टेयर से 24 हजार हेक्टेयर पीछे रह गया।

दूसरी ओर मूंग का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 22.76 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 25.11 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जबकि पिछले सप्ताह तक यह पीछे चल रहा था। जहां तक अरहर (तुवर) का सवाल है तो इसका क्षेत्रफल आरम्भ से ही गत वर्ष की तुलना में आगे चल रहा है और अब बिजाई क्षेत्र का अंतर बढ़ गया है। तुवर का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 19.34 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 33.48 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है।

केंद्र सरकार ने 2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 सीजन के लिए तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7.90 प्रतिशत बढ़ाकर 7550 रुपए प्रति क्विंटल, उड़द का समर्थन मूल्य 6.50 प्रतिशत बढ़ाकर 7400 रुपए प्रति क्विंटल तथा मूंग का समर्थन मूल्य 1.40 प्रतिशत बढ़ाकर 8682 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। दलहन फसलों की बिजाई प्रक्रिया अभी जारी है और जुलाई के साथ-साथ अगस्त में भी बरकरार रहेगी। अंतिम क्षेत्रफल की स्थिति जानने के लिए अभी कुछ इन्तजार करना पड़ेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि अरहर के उत्पादन क्षेत्र में तो अच्छी बढ़ोत्तरी होगी लेकिन उड़द एवं मूंग के बिजाई क्षेत्र में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकता है। तुवर की खेती में किसानों का उत्साह एवं आकर्षण ज्यादा देखा जा रहा है।