शीतकाल की पहली बारिश से रबी फसलों को फायदा होने की उम्मीद

24-Dec-2024 12:46 PM

नई दिल्ली । लम्बी प्रतीक्षा के बाद अंततः शीतकाल की पहली बौछार पड़ने से पंजाब तथा हरियाणा जैसे राज्यों में रबी फसलों की हालत बेहतर होने की उम्मीद है।

गेहूं, चना एवं सरसों सहित अन्य रबी फसलों को इस बारिश की जरूरत थी। इससे पूर्व लम्बे समय तक वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता एवं परेशानी बढ़ गई थी। कृषि विशेषज्ञों ने इसे सही समय पर होने वाली उपयोगी वर्षा बताया है जिससे रबी फसलों को काफी राहत मिलेगी। 

प्राप्त सूचना के मुताबिक पंजाब के पटियाला, जालंधर, लुधियाना एवं मुक्तसर तथा हरियाणा के हिसार, जींद, महेंद्रगढ़, सिरसा, सोनीपत तथा पानीपत जैसे जिलों में पिछले दिन दूर-दूर तक काफी अच्छी एवं लाभदायक बारिश हुई।

इससे न केवल हाल की बिजाई वाली फसलों को आवश्यक नमी प्राप्त हो गई है बल्कि पौधों एवं उसकी पत्तियों पर धूल कण के जमा हुए अंश भी साफ हो गए हैं जिससे उसका बेहतर ढंग से विकास हो सकेगा। 

इस बारिश से किसान काफी खुश हैं। उनका कहना है कि ठीक उतनी ही वर्षा हुई जितनी आवश्यक थी। पौधों को हरा भरा रखने तथा स्वस्थ बनाने में यह वर्षा बहुत सहायक साबित होगी।

गेहूं की फसल को भारी वर्षा की जरूरत नहीं थी और इसलिए यह हल्की बारिश उसके लिए काफी फायदेमंद है। हरियाणा में सरसों के उत्पादक एवं इस वर्षा को लाभप्रद मान रहे हैं।

जिन इलाकों में फसल दो माह पुरानी है उसे अब सिंचाई की जरूरत थी मगर इस वर्षा ने किसानों की वह समस्या काफी हद तक दूर कर दी है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि आगे भारी बारिश हुई तो रबी फसलों को नुकसान हो सकता है क्योंकि खेतों में जल का जमाव होने पर पौधों के सड़ने-गलने एवं उस पर रोगों-कीड़ों का प्रकोप बढ़ने की आशंका पैदा हो जाएगी। फसलों को अब  थोड़ी धूप की आवश्यकता है।