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21-Sep-2026 03:51 PM
हैदराबाद। तेलंगाना में 2026-27 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान 65 लाख टन धान की सरकारी खरीद होने का अनुमान लगाया गया है और इसकी आसान एवं निर्बाध खरीद के लिए सारी तैयारियां व्यवस्थित ढंग से की जा रही हैं। केन्द्रीय पूल में चावल का भारी योगदान देने वाला तेलंगाना दक्षिण भारत में धान का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से तेलंगाना में धान की सरकारी खरीद शुरू होने वाली है जिसके लिए राज्य के नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा भंडारण, हमाली एवं परिवहन (एसएचटी) के लिए एक व्यापक एवं समेकित रणनीति अपनाई जाएगी। इस तीन स्तरीय रणनीति को इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि धान की आपूर्ति में कोई लीकेज न रहे, क्रय केन्द्रों से स्टॉक का तेजी से उठाव संभव हो सके और परिवहन के संकट से किसानों को होने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके।
नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी समूचे तेलंगाना में उपलब्ध भंडारण स्थलों को सूचीबद्ध कर रहे हैं जिसमें गैर क्रियाशील चावल मिल, औद्यगिक शेड्स, कृषि विपणन समितियों के पास मौजूदा भंडारण सुविधा और बड़े-बड़े आयोजन स्थल भी शामिल हैं।
तेलंगाना में चालू वर्ष के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून की बारिश कम होने से खरीफ कालीन धान के उत्पादन क्षेत्र में काफी गिरावट आ गई और फसल की प्रगति में भी बाधा पड़ रही है। इससे वहां धान-चावल का उत्पादन घटने की संभावना है। इतना ही नहीं बल्कि अल नीनो के प्रभाव से राज्य में आगे भी वर्षा बेहतर होने में संदेह है जबकि बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर भी नीचे है इसलिए रबी सीजन में भी वहां धान का क्षेत्रफल एवं उत्पादन घट सकता है।