तमिलनाडु एवं केरल में भारी बारिश का सिलसिला जारी
07-Nov-2024 02:51 PM
तिरुअनन्तपुरम । देश के सुदूर दक्षिण राज्यों- खासकर तमिलनाडु एवं केरल में उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता एवं अरब सागर के ऊपर बनने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पिछले कई दिनों से रूक-रूक कर मूसलाधार बारिश हो रही है जिससे न केवल जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है बल्कि रबी फसलों की बिजाई पर भी असर पड़ने की आशंका है।
'मसालों का प्रदेश' के नाम इस विख्यात केरल में अभी छोटी इलायची समेत कुछ अन्य मसालों के उत्पादन का सीजन चल रहा है जबकि अगले महीने से कालीमिर्च की नई फसल की तुड़ाई-तैयारी आरंभ होने वाली है। उधर तमिलनाडु में रबी कालीन फसलों की बिजाई का सीजन चल रहा है।
लेकिन बारिश का दायरा काफी हद तक इन दोनों राज्यों में ही सीमित है और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा तेलंगाना जैसे प्रांतों में वर्षा नहीं या नगण्य हो रही है। महाराष्ट्र, गुजरात, उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल में भी पिछले कई दिनों से अच्छी वर्षा नहीं हुई है। दाना समुद्री चक्रवाती तूफान के समय बारिश हुई थी।
देश के अन्य प्रांतों में मौसम शुष्क बना हुआ है और तापमान में गिरावट आ रही है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में रबी फसलों की बिजाई जोर पकड़ने लगी है जबकि खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी की गति भी तेज हो गई है। गेहूं, चना, सरसों, जौ, मसूर एवं मटर सहित अन्य फसलों की खेती में किसानों की सक्रियता बनी हुई है।
ऊंचे बाजार भाव को देखते हुए इस बार खासकर गेहूं एवं चना के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है जबकि सरसों, मसूर एवं मटर का क्षेत्रफल पिछले साल के आसपास ही रहने की संभावना है। रबी सीजन में उड़द एवं मूंग तथा मूंगफली आदि की खेती भी की जाती है।
