दक्षिणी प्रायद्वीप में भारी वर्षा का दौर जारी
06-Nov-2024 01:09 PM
तिरुअनंतपुरम। देश के दक्षिणी प्रायद्वीप क्षेत्र में पिछले अनेक दिनों से भारी बारिश हो रही है और अगले कुछ दिनों तक इसका सिलसिला बरकरार रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक शीतकालीन (उत्तर-पूर्व) मानसून सीजन के दौरान 1 अक्टूबर से 4 नवम्बर के बीच दक्षिणी प्रायद्वीप में सामान्य औसत से 7 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि भयंकर चक्रवाती समुद्री तूफान 10 दिन पहले ही आकर गुजर चूका है मगर सीजनल पूर्वी-उत्तर पूर्वी हवा का परवाह अभी जारी है जिससे आगे भी बारिश होने का आसार है।
दूसरी ओर उत्तरी भारत में उच्चतम एवं न्यूनतम तापमान में गिरावट आने लगी है। गंगा-सिंधु के मैदानी भाग में धीरे-धीरे पतझड़कालीन सीजन नजदीक आने लगा है। देश के पश्चिमोत्तर, मध्यवर्ती एवं उत्तरी तथा पूर्वोत्तर राज्यों में तापमान में फ़िलहाल बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है। वस्तुतः इन क्षेत्रो में अब भी उच्चतम तापमान सामान्य स्तर से 2-4 डिग्री सेल्सियस ऊंचा चल रहा है।
चालू सप्ताह के आरम्भ में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ भागो (वाराणसी एवं गोरखपुर) तथा पश्चिम बंगाल के मैदानी भाग (बैरकपुर) में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। इससे पूर्वोत्तर भारत को मध्यवर्ती भारत से जोड़ने वाले कोरिडोर और पूर्वी तथा पूर्वोत्तर राज्यों के सम्पर्क मार्ग पर अगले दो महीनो तक सामान्य या घने कोहरे का नया दौर शुरू होने की संभावना है। यह मौसमी कारक अक्सर इस क्षेत्र को प्रभावित करता है।
उधर दक्षिण भारत की बात करे तो दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर मौजूद एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन आगे बढ़ गया है जिससे केरल के दक्षिणी भाग तथा तमिलनाडु में सामान्य से लेकर भारी वर्षा हो रही है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन आगे बढ़ गया है जिससे केरल के दक्षिणी भाग तथा तमिलनाडु में सामान्य से लेकर भारी वर्षा हो रही है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन का निर्माण बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी-पूर्वीं भाग के ऊपर हो चूका है। इसकी भविष्यवाणी मौसम विभाग पहले ही कर चूका था। इस सर्कुलेशन से एक टफ दक्षिणी तमिलनाडु की ओर बढ़ रहा है जिससे चालू सप्ताह के दौरान वहां बारिश हो सकती है।
