द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में अमरीका की नजर रहेगी भारतीय सोयाबीन एवं मक्का बाजार पर

11-Apr-2025 08:53 PM

द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में अमरीका की नजर रहेगी भारतीय सोयाबीन एवं मक्का बाजार पर  

नई दिल्ली। भारत और अमरीका के बीच जारी द्विपक्षीय व्यावार वार्ता में अमरीका भारतीय बाजार को अपने मक्का एवं सोयाबीन के लिए आयात की सुविधा उपलब्ध करवाने पर लगातार जोर दे रहा है लेकिन भारत द्वारा इसमें स्वाभाविक रूप से टाल मटोल किया जा रहा है।

इसका एक खास कारण यह है कि भारत में जेनेटिकली मोडिफाइड (जीएम) खाद्य उत्पादों के आयात की अनुमति नहीं है और जब तक केन्द्र सरकार इसके आयात के सम्बन्ध में कोई नीतिगत निर्णय नहीं लेती है तब तक वार्ताकार इसके लिए हामी नहीं भर सकते हैं। 

लेकिन द्विपक्षीय व्यापार वार्ता (बीटीए) में भारत कुछ अमरीकी उत्पादों के आयात हेतु रियायती सीमा शुल्क का ऑफर दे सकता है जिसमें सेब, चेरी, पेकान नट्स अमरीकी शराब (व्हिस्की) आदि शामिल है।

जीएम फसलों का विवाद देश में काफी गहरा है और इसका मामला अदालत के पास भी विचाराधीन है। सरकार को आशंका है कि अगर भारत में जीएम मक्का तथा जीएम सोयाबीन के आयात की अनुमति दी गई तो न केवल जबरदस्त हंगामा शुरू हो जाएगा

बल्कि सरकार की चौतरफा आलोचना भी होगी। अमरीका भी इससे भली-भांति अवगत है लेकिन उसे भारत से ज्यादा अपने हितों की चिंता है। 

अमरीका की चिंता चीन को लेकर भी है। अमरीका ने चीन के सामानों पर 125 प्रतिशत और चीन ने अमरीकी उत्पादों पर 84 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा दिया है।

चीन को वो ब्राजील एवं अर्जेन्टीना से मक्का एवं सोयाबीन मंगाने में सफलता मिल जाएगी लेकिन अमरीका को अपने उत्पादों के लिए चीन का वैकल्पिक बाजार तलाशने में भारी कठिनाई होगी।

इसे देखते हुए वह भारत पर अमरीकी मक्का एवं सोयाबीन का आयात आरंभ करने के लिए जबरदस्त दबाव डाल रहा है। दोनों पक्षों की अपनी-अपनी विवशताएं हैं।