उर्वरक सब्सिडी बिल में 20 प्रतिशत की वृद्धि होना का अनुमान

28-Apr-2026 12:53 PM

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण रासायनिक उर्वरकों का आयात काफी महंगा बैठ रहा है और घरेलू प्रभाग में उत्पादन का खर्च भी बढ़ गया है।

ऐसी हालत में यदि उर्वरकों की कीमतों को पूर्व स्तर पर बरकरार रखा गया तो सरकारी सब्सिडी बिल में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। सरकार को इस अतिरिक्त खर्च का भार उठाना पड़ेगा। 

उल्लेखनीय है कि यूरिया, डीएपी तथा पोटाश के आयात के लिए भारत काफी हद तक विदेशों पर निर्भर रहता है। खरीफ सीजन में जून से अगस्त के दौरान घरेलू प्रभाग में रासायनिक खाद की जबरदस्त मांग रहेगी और इसे पूरा करने के लिए विदेशों से महंगे दाम पर इसका आयात बढ़ाना पड़ेगा। ज्ञात हो कि भारत यूरिया का सबसे प्रमुख आयातक देश है।

हाल ही में एक सरकारी कम्पनी ने 25 लाख टन यूरिया के आयात के लिए जो टेंडर जारी किया था उसमें ऑफर मूल्य फरवरी टेंडर के मुकाबले दोगुना ऊंचा आया था।

अन्य विकल्पों के अभाव में सरकार को इस ऊंचे ऑफर मूल्य को स्वीकार करने का निर्णय लेना पड़ा। सरकार उन कंपनियों को सब्सिडी देती है जो सरकारी नियत मूल्य पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध करवाती है।