उत्पादन में 25 प्रतिशत की गिरावट आने के बावजूद उड़द के दाम में फिलहाल तेजी की संभावना कम
06-Nov-2024 05:38 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान उड़द का घरेलू उत्पादन 16.04 लाख टन से करीब 25 प्रतिशत या 4 लाख टन घटकर 12.09 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया है लेकिन इसके बावजूद उद्योग-व्यापार समीक्षकों का मानना है
कि निकट भविष्य में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति संतोषजनक रहेगी और इसलिए कीमतों में भारी तेजी आने की संभावना बहुत कम है। घरेलू प्रभाग में नई फसल की अच्छी आवक हो रही है और म्यांमार से नियमित आयात भी जारी है।
यदि सरकारी अनुमान सच साबित होता है तो इस बार उड़द का खरीफ कालीन उत्पादन पिछले 10 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर सिमट जाएगा।
शीर्ष व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन के चेयरमैन के अनुसार इस बार तुवर का उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं क्योंकि कर्नाटक एवं महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल की हालत अच्छी दिखाई पड़ रही है। इसके नए माल की आवक चालू माह के अंत तक शुरू हो सकती है जबकि दिसम्बर-जनवरी में आपूर्ति का जोर रहेगा।
एक अग्रणी विश्लेषक के मुताबिक चालू खरीफ सीजन के दौरान न केवल उड़द की पैदावार घटने की आशंका है बल्कि इसकी क्वालिटी भी कमजोर रहने की संभावना है क्योंकि इस पर बारिश का काफी असर पड़ा है।
उड़द की मांग कमजोर है और बाहर से इसका आयात भी हो रहा है इसलिए कीमतों में लगभग स्थिरता बनी हुई है। चालू वर्ष के अंत तक उड़द के घरेलू बाजार मूल्य में जोरदार उछाल आने के आसार नहीं हैं।
