उत्तरी राज्यों में ठंड का प्रकोप बढ़ा- पश्चिमोत्तर क्षेत्र में हल्की बारिश

23-Dec-2024 07:28 PM

नई दिल्ली । उत्तर-पूर्व मानसून के अंतिम चरण की सक्रियता एवं बंगाल की खाड़ी के ऊपर निर्मित कम दाब एवं डिप्रेशन के कारण पिछले सप्ताह तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश एवं उड़ीसा जैसे राज्यों के विभिन्न भागों में बारिश हुई जबकि दूसरी ओर जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया।

22-23 दिसम्बर की रात एवं सुबह में दिल्ली एनसीआर में हल्की बारिश हुई जिससे रबी फसलों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। महत्वपूर्ण बात यह है कि तापमान घटकर काफी नीचे आ गया है जिससे खेतों की मिटटी से नमी सूखने की गति धीमी पड़ जाएगी। 

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्यों में रबी फसलों को अनुकूल मौसम की आवश्यकता है और इसके लिए तापमान का नीचे होना तथा समय-समय पर सामान्य वर्षा का दौर जारी रखना जरुरी है। लेकिन गहन धुंध, घना कोहरा एवं हिमपात रबी फसलों के लिए घातक साबित हो सकता है।

गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में भी वर्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। पूर्वी भारत के बिहार, बंगाल, उड़ीसा, झारखंड एवं आसाम में तापमान तो सामान्य स्तर से कुछ नीचे आया है मगर अपेक्षित बारिश नहीं हुई है।

पूर्वोत्तर राज्यों में कहीं-कहीं वर्षा होने तथा बर्फ गिरने की सूचना मिल रही है जबकि पश्चिमोतर प्रांतों- उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में हिमपात होने से मौसम काफी ठंडा हो गया है। वैधानिक रूप से अभी शीत लहर का प्रकोप आरंभ नहीं हुआ है मगर आगामी समय में इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

जिन इलाकों में रबी फसलों की जोरदार बिजाई अभी जारी है वहां मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं है लेकिन बांधों- जलाशयों में पर्याप्त  पानी उपलब्ध होने से फसलों की सिंचाई का गंभीर संकट शायद पैदा नहीं होगा।