वर्षा की कमी से कश्मीर में केसर की फसल प्रभावित होने की आशंका
06-Jan-2026 11:52 AM
श्रीनगर। मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि जम्मू कश्मीर में अक्टूबर-दिसम्बर 2025 की तिमाही में कुल 77.5 मि०मी० बारिश हुई जो सामान्य औसत से 39 प्रतिशत कम रही।
पुलवामा एवं शोपियां जिलों के केसर तथा सेब उत्पादकों का कहना है कि वर्षा की कमी से उत्पादक प्रभावित हो सकता है। सहित कालीन बारिश तथा बर्फबारी से वहां फसलों को राहत मिलती है।
खेतों की मिटटी में नमी का अभाव है, पानी की उपलब्धता कम है और फसलों के विकास की रफ्तार धीमी देखी जा रही है।
कश्मीर घाटी में बारिश का ज्यादा अभाव है। वहां कुछ जिलों में वर्षा की कमी 50 प्रतिशत से अधिक देखी जा रही है। शोपियां एवं कुलगाम में क्रमश: 78 प्रतिशत एवं 65 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
कृषि विषेशज्ञों के अनुसार अक्टूबर-दिसम्बर में केसर की फसल को पर्याप्त नमी की आवश्यकता पड़ती है अन्यथा उसका ठीक से विकास नहीं हो पाता है। इसी तरह सेब की फसल के लिए हिमपात जल्दी माना जाता है। ठंडा मौसम उसे राहत देता है।
हालांकि जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के ऊपरी क्षेत्रों में हिमपात होने वाला है लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता नहीं होने से 15 जनवरी तक वर्षा होने की उम्मीद बहुत कम है।
केसर की फसल को इससे नुकसान होने की आशंका है। पानी की कमी से इसकी सिंचाई में बाधा पड़ रही है और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
