यूपी एवं राजस्थान में पराली जलाने की बढ़ रही घटनाएं

05-Nov-2024 04:11 PM

नई दिल्ली  । हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर पराली जलाने के मामले में भारी कमी आई है मगर उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में इसकी घटना बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 15 सितम्बर से 3 नवम्बर के बीच पराली (धान के पौधे का सबसे निचले भाग) जलाने की घटनाओं की कुल संख्या 9730 तक ही पहुंच सकी जो पिछले साल के 20,728 से करीब 53 प्रतिशत कम रही।

यह कमी खासकर पंजाब एवं हरियाणा में आई है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में मामले की संख्या पिछले साल के 1102 से 17 प्रतिशत बढ़कर इस बार 1288 तथा राजस्थान में 982 से 9 प्रतिशत बढ़कर 1072 पर पहुंच गई। 

भारतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान, पूसा के आंकड़ों से पता चलता है कि पंजाब में 15 सितम्बर से 3 नवम्बर के दौरान पंजाब में फसल अवशेष जलाने की कुल घटना केवल 4132 तक पहुंची जो पिछले साल की समान अवधि की कुल संख्या 12813 से 68 प्रतिशत कम रही।

पंजाब में करीब 4.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पराली जलाने का मामला सामने आया जिसमें से एक-तिहाई रकबा तीन जिलों- पटियाला, अमृतसर एवं लुधियाना में था जिसका कुल विस्तार 1.53 लाख हेक्टेयर था। 

इसी तरह हरियाणा में फसल अवेशष जलाने की घटना गत वर्ष के 1372 से 38 प्रतिशत गिरकर इस बार केवल 857 रह गई। उधर मध्य प्रदेश में भी इसकी  संख्या 4457 से 47 प्रतिशत इस वर्ष 2369 पर अटक गई।

ध्यान देने की बात है कि पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की कटाई पहले शुरू हो जाती है। अक्टूबर में वहां फसल की जोरदार कटाई होती है जो नवम्बर तक जारी रहती है।