10 लाख टन के आवंटी कोटे में से 7.75 लाख टन चीनी का निर्यात
14-Oct-2025 06:04 PM
मुम्बई। ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (आइस्टा) ने कहा है कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के लिए केन्द्र सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति दी थी जिसमें से करीब 7.75 लाख टन का ही शिपमेंट संभव हो सका।
एसोसिएशन ने सरकार से 2025-26 सीजन के लिए चीनी के निर्यात कोटे की घोषणा जल्दी करने का आग्रह किया है ताकि निर्यातकों को अनुबंध के लिए ज्यादा समय मिल सके।
पिछले मार्केटिंग सीजन में निर्यात कोटे की घोषणा 20 जनवरी 2025 को की गई थी। फरवरी से सितम्बर 2025 के दौरान देश से करीब 7.75 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ जिसमें 613 लाख टन सफेद चीनी, 1.04 लाख टन रिफाइंड चीनी तथा 33,338 टन कच्ची चीनी का शिपमेंट शामिल था। इसके अलावा लगभग 21 हजार टन कच्ची चीनी की आपूर्ति विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (सेज) की रिफानरी को निर्यात उद्देश्य के लिए की गई।
इस 7.75 लाख टन चीनी के कुल निर्यात में से जिबूती को सर्वाधिक 1.46 लाख टन का शिपमेंट हुआ। इसके बाद सोमालिया को 1.35 लाख टन, श्रीलंका को 1.34 लाख टन और अफगानिस्तान को 75,533 टन चीनी का निर्यात किया गया।
उल्लेखनीय है कि एसोसिएशन ने आरंभ में ही देश से 2024-25 सीजन के दौरान करीब 8 लाख टन चीनी के निर्यात का अनुमान लगाया था जो काफी हद तक सही साबित हुआ।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार को 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए चीनी के निर्यात की स्वीकृति देनी है तो उसकी घोषणा अक्टूबर-नवम्बर में ही कर देनी चाहिए।
दूसरी ओर केन्द्र सरकार उत्पादन के परिदृश्य के आधार पर निर्यात की अनुमति देने के मूड में है क्योंकि 2024-25 के सीजन का अनुभव अच्छा नहीं रहा।
एसोसिएशन ने सरकार से चीनी निर्यात के सम्बन्ध में कोटा आवंटन की पुरानी नीति को ही बरकरार रखने का अनुरोध किया है जिसके तहत देश की सभी चीनी मिलों को निर्यात कोटा आवंटित किया जाता है।
दूसरी ओर उद्योग के एक वर्ग का कहना है कि निर्यात कोटा केवल उन्ही मिलों को आवंटित होना चाहिए जो चीनी का शिपमेंट करने में सक्षम हैं।
