240 अरब रुपए के अंशदान के साथ धन- धान्य योजना को मंजूरी
17-Jul-2025 06:12 PM
नई दिल्ली। आर्थिक मामलों की केन्द्रीय कैबिनेट समिती ने पिछले दिन कृषि क्षेत्र के त्वरित विकास-विस्तार के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के मद में 240 अरब रुपए के आर्थिक अंशदान के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इसका उद्देश्य देश के 100 जिलों में कृषि फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है दरअसल इस वृहद प्लान में 11 सम्बद्ध विभागों की 36 मौजूदा स्कीमों को समाहित कर दिया गया है और यह योजना अगले छह वर्षों तक जारी रहेगी। चालू वित्त वर्ष से ही इसका आरंभ हो जाएगा।
इस महत्वपूर्ण योजना के तहत खासकर कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में विभिन्न फसलों की उपज दर बढ़ाने, फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने तथा स्थायी कृषि विधि को प्रोत्साहित करने पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण की व्यवस्था को दुरुस्त करना, सिंचाई सुविधाओं का विकास-विस्तार करना और किसानों को अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है।
विज्ञप्ति के अनुसार सरकार कमजोर उत्पादकता, फसलों की कम सघनता एवं कम ऋण वितरण सुविधा के आधार पर इस योजना में शामिल करने के लिए देश के 100 जिलों का चयन करेगी।
प्रत्येक राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश में ऐसे चयनित जिलों की संख्या कुल फसलीय (कृषि) क्षेत्रफल तथा संचालनीय धारिता की भागीदारी पर आधारित होगा। लेकिन प्रत्येक राज्य में कम से कम एक जिले को इसमें अवश्य शामिल किया जाएगा।
इस मेगा प्लान से देश के करीब 1.70 करोड़ किसानों को फायदा होने की उम्मीद है। मालूम हो कि नीति आयोग ने अकांसी जिला कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की और उसके आधार पर इस योजना को आरंभ करने का निर्णय लिया गया।
कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों पर यह खास ध्यान देने वाला अपनी तरह का पहला प्लान है। इसकी सफलता इसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
