आगामी महीनों में पाम तेल का वैश्विक बाजार भाव स्थिर रहने के आसार

07-Jul-2025 10:47 AM

मुम्बई। भारत एवं चीन जैसे शीर्ष आयातक देशों में मांग मजबूत रहने की संभावना के बावजूद वर्ष 2025 की दूसरी छमाही के दौरान पाम तेल का वैश्विक बाजार भाव सीमित उतार-चढ़ाव के साथ एक निश्चित दायरे में स्थिर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है

क्योंकि इंडोनेशिया एवं मलेशिया जैसे अग्रणी उत्पादक तथा निर्यातक देशों में इसका उत्पादन एवं बकाया अधिशेष स्टॉक बढ़ने के आसार हैं।

एक अग्रणी रिसर्च फर्म के अनुसार 2024-25 की तुलना में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के दौरान पाम तेल का वैश्विक उत्पादन 2.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 806 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।

इसके तहत इंडोनेशिया में उत्पादन 3.3 प्रतिशत बढ़कर 475 लाख टन तथा मलेशिया में 0.5 प्रतिशत सुधरकर 195 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है जबकि शेष उत्पादन थाईलैंड सहित अन्य देशों में होगा। इससे पाम तेल की आपूर्ति की स्थिति सुगम बनी रहेगी।

रिसर्च फर्म ने वर्ष 2025 की सम्पूर्ण अवधि के लिए बुर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स (बीएमडी) एक्सचेंज, कुआलालम्पुर में मलेशियाई क्रूड पाम तेल (सीपीओ) औसत वायदा मूल्य 4150 रिंगिट प्रति टन के आसपास तथा दूसरी छमाही (जून-दिसम्बर) के दौरान 3800-4000 रिंगिट प्रति टन के बीच रहने की संभावना व्यक्त की है।

चालू वर्ष की पहली तिमाही के दौरान सीपीओ का वायदा भाव ऊंचा रहा था जिससे खासकर भारत में इसका आयात काफी घट गया। लेकिन अप्रैल के बाद इसमें थोड़ी नरमी आई और इसलिए मई-जून में आयात बढ़ गया। 

उल्लेखनीय है कि मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) ने जनवरी-मार्च 2025 के दौरान सीपीओ के उत्पादन में करीब 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया था।

मलेशिया में अप्रैल-मई 2025 के दौरान इसका उत्पादन 7.8 प्रतिशत बढ़कर 35 लाख टन के करीब पहुंच गया जिससे इसके स्टॉक में इजाफा हुआ और कीमतों पर कुछ दबाव भी पड़ा।