आंध्र प्रदेश में खरीफ बुवाई 74% बढ़ी, 1.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर

19-Jun-2026 07:47 PM

आंध्र प्रदेश में खरीफ फसलों का रकबा 18 जून तक बढ़कर 1.48 लाख हेक्टेयर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 85 हजार हेक्टेयर की तुलना में 74% अधिक है। राज्य का सामान्य खरीफ रकबा 30.8 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से अब तक लगभग 5% क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है।
धान की बुवाई बढ़कर 65 हजार हेक्टेयर हो गई, जो पिछले वर्ष 46 हजार हेक्टेयर थी। वहीं मक्का का रकबा घटकर 3 हजार हेक्टेयर रह गया, जो एक वर्ष पहले 4 हजार हेक्टेयर था। बाजरा का क्षेत्रफल भी 3 हजार हेक्टेयर से घटकर 1 हजार हेक्टेयर रह गया।
दलहनों में तूर का रकबा 3 हजार हेक्टेयर से घटकर 2 हजार हेक्टेयर रह गया, जबकि उड़द की बुवाई 1 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 2 हजार हेक्टेयर हो गई। मूंग की बुवाई अभी शुरू नहीं हुई है।

तिलहनों का कुल रकबा बढ़कर 11 हजार हेक्टेयर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 8 हजार हेक्टेयर था। मूंगफली का क्षेत्रफल 7 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 9 हजार हेक्टेयर हो गया, जबकि तिल का रकबा 1 हजार हेक्टेयर पर स्थिर रहा। सोयाबीन की बुवाई अभी शुरू नहीं हुई है।

कपास की बुवाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और इसका रकबा 17 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 58 हजार हेक्टेयर हो गया। गन्ने का क्षेत्रफल भी 2 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 6 हजार हेक्टेयर पहुंच गया।

1 से 18 जून के दौरान राज्य में 55.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य 56.4 मिमी से 1% कम है। दक्षिण-पश्चिम मानसून 12 जून को पूरे राज्य में पहुंच गया था, लेकिन मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने से अब तक वर्षा सामान्य से थोड़ी कम रही है।

राज्य के जलाशयों में जल स्तर भी पिछले वर्ष की तुलना में कम है। 20 जून तक जलाशयों में उनकी जीवित भंडारण क्षमता का 39.1% पानी उपलब्ध था, जबकि एक वर्ष पहले यह 41.1% था।