अगस्त-सितम्बर में सामान्य औसत से अधिक बारिश होने की संभावना
01-Aug-2025 12:03 PM
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने वर्तमान मानसून सीजन के दूसरे हाफ में यानी अगस्त-सितम्बर के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर सामान्य औसत से अधिक वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया है।
आईएमडी के महानिदेशक ने कहा है कि चालू माह (अगस्त) के दौरान केवल पूर्वोत्तर क्षेत्र एवं उसके निकटवर्ती पूर्वी राज्यों को छोड़कर देश के अधिकांश भागों में सामान्य वर्षा हो सकती है जबकि सितम्बर में दीर्घकालीन औसत (एलपीए) से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि मानसून सीजन के पहले हाफ में यानी जून-जुलाई 2025 के दौरान देश में सामान्य औसत से अधिक बारिश हुई और हिमाचल प्रदेश, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश जैसे प्रांतों में अत्यन्त मूसलाधार बारिश के कारण भयंकर बाढ़ का प्रकोप देखा जा रहा है।
महानिदेशक के मुताबिक अगस्त-सितम्बर के लिए वर्षा का सामान्य औसत 422.8 मिली मीटर आंका गया है जबकि इसके मुकाबले कुल वर्षा 106 प्रतिशत हो सकती है।
देश के अधिकांश भाग में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की उम्मीद है। लेकिन पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई भागों, पूर्वी राज्यों के कुछ हिस्सों, मध्यवर्ती भारत के सीमित इलाकों तथा प्रायद्वीपीय (दक्षिण) भारत के कुछ दक्षिणी-पश्चिमी क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।
अगले दो सप्ताहों के दौरान मानसून की सक्रियता घट सकती है लेकिन जो परिस्थितियां बन रही हैं उससे ऐसा नहीं लगता है कि मध्य अगस्त तक मानसून पूरी तरह सुस्त पड़ जाएगा।
मौसम विभाग के मुताबिक 1 जून से 31 जुलाई 2025 के दौरान देश में 474.3 मि०मी० वर्षा हुई जो 445.8 मि०मी० के सामान्य औसत से 6 प्रतिशत अधिक रही।
मानसून की बेहतर वर्षा के कारण खरीफ फसलों के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई और अब भी इसका सिलसिला जारी है। लेकिन कुछ इलाकों में अत्यन्त भारी वर्षा होने, खेतों में पानी भर जाने तथा कहीं-कहीं भयंकर बाढ़ आने से खरीफ फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
