अक्टूबर के आरम्भ में 550.80 लाख टन खाद्यान्न का सरकारी स्टॉक मौजूद

04-Oct-2024 12:32 PM

नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों के पता चलता है कि केंद्रीय पूल में 1 अक्टूबर 2024 के 312.30 लाख टन चावल तथा 238.50 लाख टन गेहूं के साथ कुल 550.80 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था। इसके आलावा करीब 73 लाख टन  चावल के समतुल्य धान का स्टॉक भी था जिसे कस्टम मिलिंग के लिए राईस मिलर्स को आवंटित किया गया है। इस चावल की आपूर्ति होनी अभी बाकि है। 

उपलब्ध आकड़ों के अनुसार केंद्रीय पूल में 1 अक्टूबर 2024 को मौजूद 238.50 लाख टन गेहूं का स्टॉक 1 सितंबर 2024 के स्टॉक 251.46 लाख टन से 12.96 लाख टन तथा 1 अक्टूबर 2023 के मौजूद स्टॉक 239.95 लाख टन से 1.45 लाख टन कम हो। लेकिन यह स्टॉक 2024 के लिए न्यूनतम आवश्यक मात्रा 205.20 लाख टन से 33.30 लाख टन ज्यादा है। 

जहां तक चावल का सवाल है तो 1 अक्टूबर 2024 को इसका प्रत्यक्ष स्टॉक 312.30 लाख टन दर्ज किया गया जो 1 सितंबर 2024 को उपलब्ध स्टॉक 323.11 लाख टन से 10.81 लाख टन कम मगर 1 अक्टूबर 2023 को मौजूद स्टॉक 221.87 लाख टन से 90.43 लाख टन ज्यादा है। इतना ही नहीं बल्कि यह स्टॉक अक्टूबर माह के लिए केंद्रीय पल में न्यूनतम आवश्यक मात्रा 10250 लाख टन से लगभग 210 लाख टन अधिक है। 

केंद्र सरकार ने चालू मार्केटिंग सीजन के लिए 500 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि 2023-24 के सीजन में 525.40 लाख टन की खरीद की गई थी। चालू सीजन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत करीब 380 लाख टन चावल का उपयोग होने वाला है जबकि सरकारी गोदामों में इसका विशाल स्टॉक मौजूद रहेगा। 

खरीफकालीन धान-चावल का उत्पादन गत वर्ष से बेहतर होने की उम्मीद है जिससे सरकारी स्टॉक की पोजीशन बहुत मजबूत रहेगी। हरियाणा जैसे राज्यों में धान के नए माल की आवक तथा सरकारी खरीद आरम्भ हो चुकी है। पंजाब तथा उत्तरप्रदेश सहित अन्य उत्पादक राज्यों में आगामी समय में धान की आवक जोर पकड़ेगी। हालाँकि गेहूं का स्टॉक न्यूनतम आवश्यक बफर मात्रा से अभी 33.30 लाख टन ज्यादा है मगर इसका नया माल आने में बहुत देर है। मार्च-अप्रैल से नया गेहूं आना शुरू होगा।