अल नीनो के प्रभाव से जुलाई-अगस्त में मानसून कमजोर रहने की आशंका
20-Feb-2026 04:38 PM
मुम्बई। एक जलवायु पूर्वानुमान केन्द्र ने कहा है कि अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से एशिया के कई देशों में आगामी महीनों के दौरान वर्षा पर असर पड़ सकता है। चालू वर्ष की दूसरी छमाही में अल नीनो की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। मौसम केन्द्र के अनुसार जून-अगस्त 2026 के दौरान भारत में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भारत में जून से सितम्बर के चार महीनों तक दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय रहता है और इसी अवधि में खरीफ फसलों की बिजाई तथा प्रगति होती है। भारत में सर्वाधिक वर्षा जुलाई-अगस्त में होती है।
मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के अनुसार मार्च से मई 2026 के दौरान उदासीन या न्यूट्रल स्थिति बरकरार रह सकती है जिसका मतलब यह हुआ कि इस अवधि में अल नीनो अथवा ला नीना-दोनों में से कोई भी मौसम चक्र ज्यादा सक्रिय नहीं रहेगा। लेकिन उसके बाद क्रमिक रूप से अल नीनो मौसम चक्र की सक्रियता बढ़ सकती है। इससे दक्षिण-पश्चिम मानसून के गतिशीलता एवं तीव्रता प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
खरीफ सीजन के दौरान भारत में धान, अरहर (तुवर), उड़द, मूंग, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, सोयाबीन, मूंगफली एवं कपास सहित कई अन्य फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है और इन फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए मानसून की अच्छी बारिश होना आवश्यक है।
