अमरीकी निर्यातकों के लिए भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद बाजार में स्कोप
01-Apr-2026 07:56 PM
मुम्बई। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की विदेश कृषि सेवा (फास) का कहना है कि भारत में खाद्य प्रसंस्कृत उद्योग का तेजी से विकास-विस्तार हो रहा है
लेकिन साथ ही साथ आर्थिक प्रगति एवं बदलती खाद्य शैली के कारण वहां प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की मांग एवं खपत में भी भारी बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे अमरीकी निर्यातकों को भारतीय बाजार में अपना उत्पाद बेचने का अच्छा अवसर मिल सकता है।
भारत का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्रों की सूची में शामिल होना तथा अर्थ व्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का है। इसमें खाद्य प्रसंस्कृत उद्योग बड़ी भूमिका निभा सकता है
और इसका रूपांतरण भी तेजी से हो रहा है। अमरीका में ऐसे अनेक प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्माण होता है जिसके निर्यात के लिए भारत एक अच्छा बाजार साबित हो सकता है।
भारत में पहले परम्परागत एवं स्थायी खाद्य आहार का प्रचलन ज्यादा था लेकिन अब परिदृश्य बदलता जा रहा है और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की खपत तेजी से बढ़ रही है।
भारत का खाद्य प्रसंस्कृत उद्योग सबसे तेजी से बढ़ने वाले उद्योगों में शामिल है। इसका आकार वर्ष 2024 के 355 अरब डॉलर से बढ़कर 2026 में 535 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।
