अमरीकी ट्रेड डील से कपास और सोयाबीन उत्पादकों को विशेष खतरा

16-Feb-2026 07:35 PM

जयपुर। मुख्य विपक्षी दल का कहना है कि अमरीका के साथ हुआ व्यापार समझौता भारतीय किसानों और खासकर कपास तथा सोयाबीन उत्पादकों के लिए काफी घातक साबित होगा। कमोबेश मक्का सहित कुछ अन्य फसलों का बाजार भी इससे प्रभावित होगा। एक तरफ अमरीका में सोयाबीन एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल देखा जा रहा है तो दूसरी ओर भारत में इसका भाव नीचे गिरने लगा है। कपास की हालत भी ऐसी ही है। 

एक विपक्षी नेता का कहना है कि सरकार चाहे जो भी तर्क दे लेकिन सोयाबीन एवं कपास के दाम में आ रही गिरावट एक हकीकत है। भारतीय बाजार पर अमरीकी व्यापारिक करार का मनोवैज्ञानिक प्रहार शुरू हो गया है जो भविष्य में और भी घातक साबित होगा। किसानों के साथ-साथ छोटे-छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति भी खराब हो जाएगी।

विपक्षी दल के अनुसार भारत- अमरीका व्यापार समझौता ने अनेक सवालों को जन्म दिया है। लोगों को इसके बारे में जानने-समझने की जरूरत है। इसका असर देश के सोयाबीन एवं कपास उत्पादकों के भविष्य पर पड़ेगा और इससे उसे काफी नुकसान होगा। विपक्षी दल संसद के अंदर और बाहर-हर जगह इस समझौते की खामियों एवं इससे होने वाले नुकसान का मुद्दा उठा रहे हैं और किसानों के हक तथा सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 

विपक्षी पार्टी के एक नेता का कहना है कि अब तक किसी भी सरकार ने इस तरीके से जानबूझकर कर छोटे व्यापारियों, किसानों एवं युवाओं का भविष्य खतरे में डालने का प्रयास नहीं किया था। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का खोखला नारा देने वाली मौजूदा सरकार अमरीकी दबाव में आकर असंगत निर्णय ले रही है। अमरीका के राष्ट्रपति बार-बार घोषणा किए जा रहे हैं और भारत सरकार मौन साधकर उसे स्वीकार कर रही है।