नाबार्ड एवं एनसीडीईएक्स के मूल्य संरक्षण योजना से मसाला उत्पादकों को राहत

16-Feb-2026 08:17 PM

मुम्बई। एक साल पहले नाबार्ड तथा नेशनल कॉमोडिटीज एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) द्वारा संयुक्त रूप से मूल्य संरक्षण स्कीम आरंभ की गई थी जिससे मसाला उत्पादकों और खासकर हल्दी उत्पादन में शामिल किसानों को बाजार भाव में आने वाले उतार-चढ़ाव को मैनेज करने में सहायता मिलनी शुरू हो गई है। डेरिवेटिव्स मार्केट में ऑप्शन कारोबार में भाग लेने वाले उत्पादकों को इस योजना से काफी राहत मिली है।

उल्लेखनीय है कि इस स्कीम के अंतर्गत नाबार्ड देश के साथ राज्यों में फार्मर- प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशंस (एफपीओ) के लिए पुट ऑप्शंस हेतु प्रीमियम में सब्सिडी प्रदान करता है। इस योजना के तहत हल्दी, जीरा एवं धनिया को शामिल किया गया है। 

नाबार्ड के साथ-साथ स्मॉल फार्मर्स एग्री बिजनेस कंसोर्टियम नेशनल को ऑपरेटिव डवलपमेंट कॉर्पोरेशन, नैफेड, स्टेट रूरल लिवली हुड (आजीविका) मिशन और सहकारी संघों / समितियों द्वारा संवर्धित एफपीओ को इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए सुपात्र अथवा योग्य संगठन माना जाता है।

देश के सात प्रमुख मसाला उत्पादक राज्यों- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में इस स्कीम को आरंभ किया गया है। किसानों को इससे मूल्य जोखिम से बचाव में सहायता मिल रही है।

प्रथम चरण के दौरान इस स्कीम में 80 एफपीओ तथा 1.34 लाख किसानों को कवर किया गया है। इसके माध्यम से 6544 टन उत्पादों की हेजिंग की गई। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों के दौरान महाराष्ट्र के वाशिम जिले में अवस्थित राष्ट्रोन्नति फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी को 1 करोड़ रुपए का कारोबार करने में सफलता मिल गई। अन्य एफपीओ की व्यावसायिक गतिविधियां भी बेहतर परिणाम देने वाली साबित हो रही है।