अप्रैल-अक्टूबर में ऑयल मील का निर्यात 3.18 प्रतिशत बढ़ा
18-Nov-2025 08:06 PM
मुम्बई। सरसों खल (रेपसीड मील) में चीन की जबरदस्त मांग के कारण भारत से ऑयल मील का सकल निर्यात अप्रैल- अक्टूबर 2025 के सात महीनों में बढ़कर 24.64 लाख टन पर पहुंच गया जो वर्ष 2024 के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 23.88 लाख टन से 6 हजार टन या 3.18 प्रतिशत अधिक रहा।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के आंकड़ों के अनुसार चीन की जोरदार मांग के कारण इन सात महीनों में भारत से रेपसीड मील का निर्यात 11.76 लाख टन से बढ़कर 12.52 लाख टन पर पहुंचा।
इसी अवधि के दौरान चीन में भारत से इसका कुल शिपमेंट करीब 15 हजार टन से कई गुणा उछलकर 5.81 लाख टन पर पहुंच गया।
एसोसिएशन के मुताबिक वर्तमान समय में भारतीय रेपसीड मील का औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य 217 डॉलर प्रति टन चल रहा है जो हैम्बर्ग (जर्मनी) में प्रचलित एक्स मिल भाव 244 डॉलर प्रति टन से काफी कम है। इसके फलस्वरूप भारतीय उत्पाद की खरीद में चीन भारी दिलचस्पी दिखा रहा है।
एसोसिएशन के अनुसार सरकार ने राइसब्रान एक्सट्रैक्शन के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को 3 अक्टूबर 2025 को समाप्त कर दिया जिससे भारत को इसका निर्यात दोबारा शुरू करने का अवसर मिल रहा है।
अक्टूबर माह के दौरान भारत से वियतनाम एवं नेपाल जैसे देशों को करीब 15 हजार टन राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन का निर्यात किया गया।
मूंगफली एक्सट्रैक्शन का निर्यात अप्रैल-अक्टूबर के सात महीनों में 7823 टन से उछलकर 19,300 टन पर पहुंच गया इसके अलावा देश से सोयामील तथा अरंडी मील का भी अच्छा निर्यात हुआ।
