कमजोर मांग एवं निर्यात में बाधा से नारियल तथा कोपरा का भाव नरम

01-May-2026 12:32 PM

कोच्चि। उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने, घरेलू मांग कमजोर रहने तथा पश्चिम एशिया संकट के कारण निर्यात में बाधा पड़ने से नारियल तथा कोपरा की कीमतों में नरमी का माहौल बना हुआ है। नारियल तेल के दाम पर भी दबाव पड़ने लगा है। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व इसका भाव तेजी से बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था मगर अब बाजार नरम होता जा रहा है। 

कोचीन ऑयल मर्चेंट्स एसोसिएशन (कोमा) के अध्यक्ष का कहना है कि केरल में जुलाई 2025 के दौरान नारियल तेल का मूल्य 393 रुपए प्रति लीटर तथा कोपरा का मूल्य 259 रुपए प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंचा था

जिसके मुकाबले अब नारियल तेल का दाम घटकर 266 रुपए प्रति लीटर तथा कोपरा का दाम 153 रुपए प्रति किलो पर आ गया है। इसी अवधि में साबुत नारियल का भाव भी करीब 36 रुपए प्रति किलो घट गया। 

कॉर्पोरट स्तर पर तथा स्थानीय मंडी में मांग कमजोर पड़ गई है। खाड़ी क्षेत्र के देशों में नारियल का निर्यात करने में  कठिनाई हो रही है। मानसूनी बारिश आरंभ होने पर नारियल एवं कोपरा की आपूर्ति घटेगी और तब कीमतों में कुछ सुधार आ सकता है। इस बीच बाजार नरम रहने की संभावना है।

कीमतों में आ रही गिरावट को देखते हुए तमिलनाडु के स्टॉकिस्टों ने अपने माल की बिक्री बढ़ा दी है जिससे वहां भी कीमतों में नरमी का माहौल बनने लगा है। इस बार केरल में नारियल एवं कोपरा के उत्पादन में भी अच्छी बढ़ोत्तरी होने के संकेत मिल रहे हैं जिससे बाजार पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ रहा है।