अंत तक जरूर पढ़ें- प्रधानमंत्री द्वारा नेशनल पल्सेस मिशन की घोषणा: इस योजना को कामयाब बनाने के लिए आयात नियमों में बदलाव जरूरी।

11-Oct-2025 08:27 PM

प्रधानमंत्री ने दो महत्वपूर्ण कृषि योजनाओं की शुरुआत की- प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (PMDDKY) और दालों में आत्मनिर्भरता मिशन (Mission for Aatmanirbharta in Pulses)। इन दोनों योजनाओं का कुल वित्तीय प्रावधान ₹35,440 करोड़ का है।

दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक देश में दालों का रकबा 310 लाख हेक्टेयर, उत्पादन 350 लाख टन और औसत उत्पादकता 1130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाना है।

यह योजना छह वर्षों (2025-26 से 2030-31) तक चलेगी, जिसके लिए ₹11,440 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।

हमारा मानना है कि केवल योजना किसानों और देश के लिए दलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए बहुत अच्छी है, परन्तु जब तक सरकार आयात नीतियों में सुधार नहीं करती, तब तक आत्मनिर्भरता हासिल करना संभव नहीं लगता। वर्तमान में किसानों को दलहनों के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में कमी आ रही है और आयात बढ़ता जा रहा है।

आगामी रबी बुवाई से पहले दालों के बाजार को समर्थन देने और कीमतों को स्थिर करने के लिए सरकार को अगले कुछ हफ्तों में प्रमुख आयातित दलहनों पर आयात शुल्क बढ़ाना आवश्यक है।

एक तरफ कृषि मंत्रालय ने आयात शुल्क में बदलाव की पैरवी की, तो दूसरी और कई सरकारी संस्थाओं में भी इसी तरह की मांग की।

अगर उपरोक्त सभी बिंदुओं को देखें, तो सरकार को आयात नियमों में बदलाव करना चाहिए। इससे न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि देश में दलहनों की आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।