बांग्ला देश को चावल का निर्यात रोकने की मांग पकड़ रही है जोर
26-Dec-2025 03:38 PM
नई दिल्ली। बांग्ला देश में जारी उपद्रव और हिन्दुओं पर हो रहे हमले को देखते हुए भारतीय निर्यातकों का एक वर्ग वहां चावल सहित अन्य खाद्य एवं कृषि उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहा है।
पिछले सप्ताह चटगांव में स्थित सहायक उच्चायुक्त ने कार्यालय पर बांग्ला देश के उपद्रवदियों की भीड़ ने हमला कर दिया था जिससे दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। वहां अराजकता एवं अस्थिरता का माहौल चरम पर पहुंचा हुआ है।
भारतीय निर्यातकों का कहना है कि बांग्ला देश में स्थिति इतनी खराब एवं चिंताजनक हो गई है कि वहां भारतीय उत्पादों का निर्यात खतरे से खाली नहीं है। बांग्ला देश ने भारत में जूट के निर्यात पर प्रतिबंध बना रखा है जिससे भारतीय जूट मिलर्स को उत्पादन घटाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
भारत को उसके प्रतिवाद में आवश्यक कदम उठाते हुए वहां चावल सहित अन्य कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात पर सीधे प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
बांग्ला देश में हो रही घटनाओं से भारतीय निर्यातक काफी चिंतित और आहत हैं। उन्हें हैरानी हो रही है कि भारत सरकार अभी तक जोखिम उठा रही है और बांग्ला देश में चावल के निर्यात पर रोक लगाने का निर्णय नहीं ले रही है।
सरकार को जोखिमपूर्ण निर्यात को बंद करने में कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि सरकार तत्काल कोई एहतियाती कदम उठाने में सक्षम नहीं है तो स्वयं निर्यातकों को आगे आना चाहिए और बांग्ला देश चावल आयात टेंडर में ऊंचे ऑफर मूल्य का उद्धरण देना चाहिए।
बांग्ला देश को भारत से चावल के साथ-साथ कई अन्य उत्पादों के भारी आयात की जरूरत पड़ती है। यदि इस आयात-निर्यात में गतिरोध उत्पन्न हो गया तो वहां इन उत्पादों का भारी अभाव उत्पन्न हो जाएगा और खाद्य महंगाई में जोरदार वृद्धि होगी।
तब बांग्ला देश को भारत की अहमियत का एहसास होगा। बांग्ला देश में अन्य आपूर्तिकर्ता देशों की तुलना में भारत से आयातित चावल पर 8-9 टका प्रति किलो की बचत होती है।
