बांग्ला देश से भारत में सिर्फ कुछ बंदरगाहों तक ही आयात को सीमित रखने का निर्णय
19-May-2025 01:53 PM
चंडीगढ़। देश की पूर्वी सीमा में घुसपैठियों एवं आतंकियों के प्रवेश को रोकने के लिए सरकार ने बांग्ला देश के साथ सीमा (स्थानीय) व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया है और उसके कुछ चुनिंदा उत्पादों का आयात केवल कुछ बंदरगाहों तक सीमित कर दिया है।
केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय- विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार बांग्ला देश से रेडीमेड गारमेन्ट्स किसी भी लैंड पोर्ट पर करने की अनुमति नहीं होगी और इसे केवल न्हावा शेवा तथा कोलकाता के समुद्री बंदरगाह पर ही मंगाया जा सकेगा। इस तरह स्थलीय या रेलमार्ग से इसका आयात बंद हो गया है।
इसी प्रकार बांग्ला देश से फलों, फ्रूट फ्लेवर्ड एवं कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद (बेक्ड सामान्य, स्नैक्स, चिप्स तथा कन्फैक्शनरी आदि), कॉटन तथा कॉटन यार्न वैस्ट तथा प्लास्टिक एवं लकड़ी के समान एवं फर्नीचर आदि को अब आसाम, मेघालय , त्रिपुरा एवं मिजोरम तथा पश्चिम बंगाल के चंगराबांध एवं फूलवाड़ी स्थित एलसीएस / आईसीसी पर मंगाने की अनुमति नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि बांग्ला देश से अक्सर स्थल मार्ग से होने वाले कारोबार के संदर्भ में संदेह बना रहता है। वहां से वैध कारोबार के अलावा स्मगलिंग का धंधा भी हो रहा था।
सीमा सुरक्षा बल को पूरी तरह मुस्तैद एवं स्वतंत्र कर दिया गया है। केवल सामुद्रिक मार्ग से ही उपरोक्त बांग्ला देशी उत्पाद अब भारत पहुंच सकेगा जबकि किसी अन्य तरीके से होने वाले आयात को अवैध माना जाएगा। भारत सरकार के इस निर्णय से बांग्ला देश को भारी कठिनाई हो सकती है।
हालांकि इससे भारत को भी कुछ नुकसान हो सकता है क्योंकि बांग्ला देश की सरकार कुछ इसी तरह का निर्णय ले सकती है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार को यह कदम उठाना पड़ रहा है।
अधिसूचना में कहा गया है कि पैरा 1 में वर्णित नियंत्रण / प्रतिबंध बांग्ला देश से भारत में आने वाले खाद्य तेल, एलपीजी, मछली तथा क्रस्ड स्टोन पर लागू नहीं होगा।
इसी तरह पैरा 2 में उल्लिखित नियंत्रण / प्रतिबंध भारत के रास्ते से होकर नेपाल तथा भूटान को जाने वाले बांग्ला देशी उत्पादों के लिए मान्य नहीं होगा।
लेकिन समीक्षकों का मानना है कि भारत सरकार ने जितना नियंत्रण लगाया है उससे भी बांग्लादेश को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
इस बीच भारत सरकार ने नेपाल और बांग्ला देश की सीमा से सटे बिहार तथा बंगाल के तीन-तीन जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने का प्रयास आरंभ कर दिया है ताकि देश में अवांछित तत्वों को घुसने से रोका जा सके।
