कच्चे तेल और पाम ऑयल महंगे रहे तो लागत पर 9% तक असर: गोदरेज कंस्यूमर प्रोडक्ट्स
07-Apr-2026 10:12 AM
कच्चे तेल और पाम ऑयल महंगे रहे तो लागत पर 9% तक असर: गोदरेज कंस्यूमर प्रोडक्ट्स
★ GCP ने कहा है कि यदि ब्रेंट कच्चा तेल 100–110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बना रहता है और पाम ऑयल की कीमतें 4,500–4,800 रिंगिट प्रति टन के बीच रहती हैं, तो कंपनी की लागत में 6% से 9% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
★ हाल के दिनों में कच्चे तेल और पाम ऑयल की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण मध्य पूर्व में जारी तनाव है।
★ फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है, जबकि मलेशियाई पाम ऑयल वायदा 4,800 रिंगिट प्रति टन के आसपास कारोबार कर रहा है।
★ बढ़ती लागत का असर कम करने के लिए वह कीमतों में बढ़ोतरी और लागत नियंत्रण के अन्य उपाय अपनाएगी। हालांकि इन उपायों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है।
★ वहीं प्रतिस्पर्धी कंपनी Dabur ने भी संकेत दिया है कि मध्य पूर्व संकट के कारण उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार की वृद्धि सीमित रह सकती है।
★ कुल मिलाकर, कच्चे तेल और पाम ऑयल की ऊंची कीमतें एफएमसीजी कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा रही हैं, जिससे आने वाले समय में उपभोक्ताओं को महंगे उत्पादों का सामना करना पड़ सकता है।
