आंधी-तूफान एवं बारिश से गेहूं की फसल पर असर

07-Apr-2026 11:52 AM

नई दिल्ली। एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में आंधी-तूफान एवं बेमौसमी वर्षा का प्रकोप बना हुआ है। इससे फसल को नुकसान हो रहा है। कुछ क्षेत्रों में गेहूं के पौधे-जमीन पर बिछ गए हैं और बारिश के कारण उसकी बालियां कीचड़ या पानी में धंस गई हैं। 

गेहूं की फसल सभी राज्यों में परिपक्व होकर कटाई-तैयारी के चरण में आ चुकी है। कुछ क्षेत्रों में कटाई-तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी है जबकि अन्य इलाकों में खराब मौसम के कारण कटाई में बाधा पड़ रही है। यह स्थिति फसल के लिए अच्छी नहीं है। बारिश के कारण गेहूं के पके हुए दाने को नुकसान हो रहा है। इसी तरह मंडियों में उतारे गए स्टॉक पर भी खतरा है। 

कृषि विशेषज्ञों एवं व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि देश के कुछ भागों में पिछले सप्ताह की आंधी-वर्षा से गेहूं के उत्पादन में 3-4 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है और इसके दाने बदरंग तथा चमकहीन हो सकते हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने इस बार गेहूं का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1202.10 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है जबकि उद्योग व्यापार क्षेत्र का मानना है कि इसका उत्पादन अधिक से अधिक 1150 लाख टन तक पहुंच सकता है। 

समीक्षकों के अनुसार गेहूं का भाव कुछ समय तक स्थिर रह सकता है। क्वालिटी की समस्या के कारण बेहतर गुणवत्ता के माल का दाम अपेक्षाकृत ऊंचा रहने की संभावना है। आंधी-वर्षा का दौर अभी जारी है इसलिए पूरी स्थिति पर गहरी नजर रखने की जरूरत है।