मांग स्वीकार नहीं होने तक पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल जारी

07-Apr-2026 01:20 PM

चंडीगढ़। पंजाब के आढ़तिए (कमीशन एजेंट) कृषि जिंसों (मुख्यतः धान एवं गेहूं) की खरीद पर 2.5 प्रतिशत की स्थायी नियत दर से कमीशन देने की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2020 तक कमीशन की सही दर लागू थी लेकिन उसके बाद उसे बदलकर 2.5 प्रतिशत तक नियत किया गया। कहने का मतलब यह है कि कमीशन की दर 2.5 प्रतिशत से नीचे भी हो सकती है। 

2.5 प्रतिशत की स्थायी निर्धारित दर से कमीशन देने की मांग को लेकर पंजाब की तमाम मंडियों के आढ़तिए हड़ताल पर हैं और उसका कहना है कि जब तक इन मांग को स्वीकार नहीं किया जाता तब तक उसकी हड़ताल जारी रहेगी।

ध्यान देने की बात है कि केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान  देने वाले राज्य- पंजाब में गेहूं की खरीद का सीजन 1 अप्रैल से आरंभ हो चुका है और ऐसे समय में यदि  आढ़तियों की हड़ताल जारी रही तो इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की सरकारी खरीद में समस्या उत्पन्न हो सकती है। 

इस वर्ष पंजाब में केन्द्रीय पूल के लिए 122 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में मौसम खराब होने से गेहूं फसल की कटाई में बाधा पड़ रही है तथा आढ़तियों की हड़ताल से स्थिति  और भी जटिल हो गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।