बांग्लादेश में तस्करी रोकने के लिए चीनी पर आयात शुल्क घटाने का प्रस्ताव

08-Oct-2024 09:04 AM

ढाका। बांग्लादेश के व्यापार एवं सीमा शुल्क आयोग (बीटीटीसी) ने बाहर से तस्करी पर अंकुश लगाने तथा घरेलू बाजार भाव में तेजी को नियंत्रित करने के लिए चीनी पर आयात शुल्क को घटाने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान समय में चीनी का दाम भारत में 45-50 रुपए प्रति किलो चल रहा है जबकि बांग्लादेश में खुदरा मूल्य बढ़कर 125-180 टका प्रति किलो पर पहुंच गया है। इस तारः कीमतों में भारी अंतर होने से बांग्लादेश के तस्करों को भारत से चीनी की स्मगलिंग करने का प्रोत्साहन मिल रहा है। बांग्लादेश में चीनी पर भारी-भरकम  आयात शुल्क भी लागू है जिससे वहां इसका आयात महंगा बैठता है। भारत से चीनी के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबन्ध लगा हुआ है। बांग्लादेश में वैधानिक तरीके से चीनी के आयात में भारी गिरावट आ गई है जबकि तस्करी की घटना बहुत बढ़ गयी है। इसे देखते हुए आयोग ने राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड से चीनी पर आयात शुल्क घटाने तथा सीमा चौकियों पर चौकसी बढ़ाने की सिफारिश की है ताकि स्मगलिंग के जरिए चीनी की आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके।

वाणिज्य मंत्रालय को सौंपी एक रिपोर्ट में टैरिफ आयोग ने कहा है कि बांग्लादेश में पिछले पांच साल के दौरान औसतन 18.43 लाख टन कच्ची चीनी (रॉ शुगर) का वाषिक आयात किया गया लेकिन वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान महज 4.57 लाख टन का आयात हुआ जो सामान्य औसत आयात से बहुत कम है। रिफाइंड चीनी का आयात भी 13 हजार टन घट गया।

आयात में इस जोरदार गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में चीनी का कोई अभाव नहीं देखा जा रहा है जिससे साफ़ पता चलता है कि इसकी भारी तस्करी हो रही है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार चीनी की अधिकांश स्मगलिंग भारत से होती है क्योंकि वहां इसका भाव काफी नीचे हैं। आयोग ने चीनी पर आयात शुल्क को 30 प्रतिशत के वर्तमान स्तर से घटाकर 15 प्रतिशत नियत करने का सुझाव दिया है।