बेहतर निर्यात प्रदर्शन से मलेशिया में पाम तेल का स्टॉक घटा
13-Apr-2026 10:41 AM
कुआलालम्पुर। ऊंची कीमतों के बावजूद मार्च 2026 में मलेशिया से पाम तेल उत्पादों के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई जिससे उद्योग के पास इसका बकाया अधिशेष स्टॉक फरवरी की तुलना में 16 प्रतिशत घटकर 22.70 लाख टन रह गया जो अगस्त 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। बकाया स्टॉक सात माह में सबसे कम रह जाने से मलेशिया में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का भाव सुधरने के आसार हैं।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार पाम तेल के बकाया स्टॉक में लगातार तीसरे माह आई गिरावट से इसकी आपूर्ति की स्थिति कुछ जटिल रहेगी और वैश्विक मांग में बढ़ोत्तरी की उम्मीद रहेगी।
हालांकि क्रूड खनिज तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और इंडोनेशिया में बी 50 प्रोग्राम लागू होने वाला है मगर इससे पाम तेल की मांग एवं खपत पर कोई असर नहीं पड़ेगा और मलेशिया से इसका भारी निर्यात निरन्तर जारी रहेगा।
इंडोनेशिया के बाद मलेशिया दुनिया में पाम तेल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है। ईरान-अमरीका युद्ध के कारण खनिज तेल का दाम ऊंचा होने से पाम तेल की कीमतों में भी तेजी आई थी लेकिन फिर भी मलेशिया से इसका निर्यात बढ़ गया। आगे पाम तेल बेंचमार्क वायदा मूल्य में कुछ और सुधार आ सकता है।
सरकारी संस्था- मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी की तुलना में मार्च के दौरान क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का उत्पादन 7.2 प्रतिशत बढ़कर 13.80 लाख टन पर पहुंचा मगर फिर भी पिछले तीन वर्षों में मार्च का सबसे कम उत्पादन रहा। पाम तेल उत्पादों का निर्यात 40.7 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ मार्च में 15.50 लाख टन पर पहुंचा जो पांच माह में सबसे ज्यादा था।
