बेहतर उत्पादन की संभावना से गेहूं बाजार में गिरावट
25-Dec-2025 07:59 PM
नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं के थोक बाजार मूल्य में पिछले कुछ समय से स्थिरता या नरमी का माहौल बना हुआ है। मांग एवं आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन होने से कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मंडियों में गेहूं की अच्छी आपूर्ति होने से कीमतों में सीमित उतार चढ़ाव देखा जा रहा है।
मंडियों में गेहूं की अच्छी आपूर्ति है और मिलर्स-प्रोसेसर्स के पास भी स्टॉक मौजूद है। भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में गेहूं के स्टॉक का स्तर ऊंचा है और वह इसकी बिक्री के लिए भी तैयार है।
दरअसल गेहूं पर लम्बे समय से भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) का आदेश लागू है जिससे व्यापारियों / स्टॉकिस्टों को नियमित रूप से अपना माल थोक मंडियों में उतारने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
अधिकांश मंडियों में सामान्य औसत क्वालिटी के गेहूं का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास आ गया है जिससे उन व्यापारियों को नुकसान हो रहा है जिसने ऊंचे दाम पर किसानों से इसकी खरीद करके इस उम्मीद के साथ स्टॉक बनाया था कि आपूर्ति के ऑफ सीजन में उसे कुछ आमदनी प्राप्त करने का अवसर मिल जाएगा।
सरकार ने एक बार फिर गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
गेहूं की अच्छी बिजाई हो रही है और इसका रकबा 300 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंच चुका है। मौसम की स्थिति सामान्य और फसल की हालत संतोषजनक है।
बिजाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। नई फसल की कटाई-तैयारी मार्च-अप्रैल में शुरू होगी। गेहूं का भाव आगे भी ज्यादा तेज होने की संभावना नहीं है।
