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बिजाई में वृद्धि के अनुरूप लालमिर्च का उत्पादन बढ़ने में संदेह

07-Oct-2026 05:29 PM

बिजाई में वृद्धि के अनुरूप लालमिर्च का उत्पादन बढ़ने में संदेह

नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर लालमिर्च के बिजाई क्षेत्र में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है क्योंकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में किसानों द्वारा इस महत्वपूर्ण मसाला फसल का रकबा बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है लेकिन क्षेत्रफल में हुई अच्छी बढ़ोत्तरी के अनुरूप उत्पादन बढ़ने में संदेह है।

उद्योग व्यापार समीक्षकों का कहना है कि 2026-27 के सीजन में लालमिर्च का घरेलू उत्पादन या तो 2025-26 सीजन के बराबर ही होगा या इसमें थोड़ा-बहुत इजाफा हो सकता है। दरअसल दक्षिण भारत के तीनों प्रमुख उत्पादक राज्यों और खासकर कर्नाटक में इस बार मानसूनी बारिश का भारी अभाव देखा गया और तापमान भी काफी ऊंचा रहा जिससे लालमिर्च फसल की उत्पादकता दर प्रभावित होने की आशंका है। 

गुंटूर स्थित संस्था- चिली एक्सपोटर्स एसोसिएशन (लालमिर्च निर्यातक संघ) के अध्यक्ष का कहना है कि इस बार आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में लालमिर्च का उत्पादन क्षेत्र करीब 30 प्रतिशत तथा कर्नाटक में 25 से 30 प्रतिशत बढ़ा है। हाल के दिनों में हुई बारिश से किसानों को लालमिर्च के पौधों की रोपाई करने में अच्छी सहायता मिली लेकिन अल नीनो मौसम चक्र का खतरा मौजूद है। 

भारत दुनिया में लालमिर्च का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। मात्रा और आमदनी की दृष्टि से भारत से होने वाले मसालों के निर्यात में लालमिर्च पहले नंबर पर रहती है। दुनिया के अनेक देशों में इसका बड़े पैमाने पर आयात किया जाता है। मध्य प्रदेश में लालमिर्च की नई फसल की तुड़ाई-तैयारी दक्षिणी राज्यों में पहले ही शुरू हो जाती है।