बेमौसमी वर्षा से गुजरात में तिल तथा आम की फसल को नुकसान
19-May-2025 03:53 PM
अहमदाबाद। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में तेज हवा बेमौसमी बारिश होने से तिल तथा आम की फसल प्रभावित हुई है। तेज हवा के प्रवाह से राज्य में करीब 10 प्रतिशत आम का फल पेड़ों से नीचे गिर गया जबकि ये सारे कच्चे आम थे।
पिछले सप्ताह की आंधी-वर्षा ने फसल को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया। उत्पादकों को इस आम को कत्रिम रूप से पकाने के लिए वैकल्पिक तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण गुजरात में जायद फसलों और खासकर बजरी, मक्का एवं तिल को काफी नुकसान होने की आशंका है। राज्य के किसान अब खरीफ फसलों की बिजाई के लिए आवश्यक तैयारी कर रहे हैं।
जायद सीजन की फसलों की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है। इस आंधी बरसात से पकी हुई फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं और जो फसल कटकर खेतों में सूखने के लिए रखी गई थीं उसे भी नुकसान हुआ है।
फिलहाल मुख्य रूप से तिल और बजरी की फसल को हुए नुकसान के आंकलन पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। भाव नगर कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) के अनुसार प्याज की अधिकांश फसल पहले ही कट चुकी है और जो थोड़ी-बहुत बची हुई है उसे भी आंधी-वर्षा से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। कुछ खेतों में प्याज की क्वालिटी खराब हो सकती है।
जीरा की फसल पहले ही काटी जा चुकी है और इसका सुरक्षित भंडारण भी हो गया है इसलिए बेमौसमी वर्षा का उस पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
लेकिन मंडियों में बिक्री के लिए लाए गए जीरे का जो स्टॉक खुले में रह गया था उसे आंशिक रूप से हानि हुई है। इसका आंकलन किया जा रहा है।
तिल और बजरी की जो फसल खेतों में खड़ी थी उसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही जा रही है क्योंकि तेज हवा के प्रकोप से पौधे- जमीन पर बिछ गए और वर्षा की वजह से खेतों में दलदल होने के कारण बालियां उसमें धंस गई।
