ब्राजील में उत्पादन घटने से थाईलैंड एवं भारत से चीनी की आपूर्ति बढ़ना आवश्यक

27-Sep-2024 04:09 PM

न्यूयार्क । भीषण गर्मी, सूखे जैसी स्थिति, बारिश की भारी कमी एवं जंगलों में लगी आग जैसी घटनाओं के कारण ब्राजील में गन्ना तथा चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है।

इससे वैश्विक बाजार में चीनी की आपूर्ति घट जाएगी और इस कमी को पूरा करने के लिए थाईलैंड तथा भारत से आपूर्ति बढ़ाना आवश्यक होगा।

भारत का मामला कुछ जटिल है क्योंकि यहां से चीनी के व्यापारिक निर्यात पर जून 2023 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है। उधर थाईलैंड में भी चीनी आपूर्ति की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। 

ब्राजील दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है। वहां विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण गन्ना की फसल को भारी नुकसान हुआ है और अब भी हो रहा है।

इसके फलस्वरूप चीनी का वैश्विक वायदा भाव चालू सप्ताह में उछलकर फरवरी 2024 के बाद ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। विश्लेषको का कहना है कि आगे कीमतों में और तेजी आ सकती है।

भारत में चीनी का उत्पादन अगले महीने से शुरू होगा जबकि थाईलैंड में यह दिसम्बर में आरंभ होता है। एक विश्लेषक ने तो यहां तक कहा है कि चीनी का बाजार बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है और वहां कभी तेजी का विस्फोट हो सकता है। 

प्रतिकूल मौसम के कारण ब्राजील से चीनी की आपूर्ति में गिरावट आने लगी है जबकि मांग मजबूत बनी हुई है। इसके फलस्वरूप चालू माह के दौरान न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के वायदा मूल्य में 20 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोत्तरी हो चुकी है।

जुलाई के बाद पहली बार सटोरियों की जोरदार गतिविधि देखी जा रही है जो कीमतों को अधिक से अधिक ऊंचा उठाने का प्रयास कर रहे हैं। बाजार में अभी और तेजी आने की संभावना बनी हुई है। 

समीक्षकों के मुताबिक चालू वर्ष की अंतिम एवं अगले साल की पहली तिमाही के दौरान चीनी का वैश्विक बाजार भाव आमतौर पर ऊंचा और मजबूत रह सकता है।

इस बीच भारत सरकार की नीति एवं थाईलैंड में उत्पादन की स्थिति पर नजर रखना आवश्यक होगा। यदि भारत से निर्यात शुरू होता है तो कीमतों पर कुछ दबाव अन्यथा इसमें तेजी का माहौल कायम रह सकता है। थाईलैंड में हाल ही में तूफान के कारण भारी वर्षा एवं बाढ़ का प्रकोप देखा गया है।