बासमती चावल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद
10-Oct-2025 06:00 PM
नई दिल्ली। अधिशेष वर्षा एवं विनाशकारी बाढ़ के कारण पंजाब तथा हरियाणा में बासमती धान की फसल को नुकसान होने के बावजूद भारत से 2025-26 के वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान बासमती चावल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है
क्योंकि अन्य राज्यों में उत्पादन बेहतर होने के आसार है और प्रमुख आयातक देशों में इसकी मांग भी मजबूत बनी हुई है। उद्योग-व्यापार क्षेत्र का मानना है कि देश में बासमती चावल का कुल उत्पादन गत वर्ष के आसपास ही हो सकता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत से चालू वित्त वर्ष के आरंभिक पांच महीनों में यानी अप्रैल-अगस्त 2025 के दौरान बासमती चावल का कुल निर्यात बढ़कर 27 लाख टन पर पहुंच गया
जो पिछले साल की समान अवधि के शिपमेंट से 17 प्रतिशत ज्यादा है। ऑल इंडिया राईस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान देश से बासमती चावल के निर्यात में 8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो सकती है
वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में इसके शिपमेंट में करीब 4 लाख टन का इजाफा हुआ और यह सिलसिला आगामी महीनों में भी जारी रहने के उम्मीद है। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल-अगस्त 2024 के दौरान देश से करीब 23 लाख टन बासमती चावल का निर्यात हुआ था।
चालू वित्त वर्ष की सम्पूर्ण अवधि में यानी अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान भारत से बासमती चावल का कुल निर्यात बढ़कर 65 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है
जबकि 2024-25 में करीब 60.70 लाख टन का शिपमेंट हुआ था। भारतीय निर्यातक कुछ नए बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें जापान तथा अफ्रीका के कुछ दक्षिणी देश भी शामिल है।
