बांधों-जलाशयों में पानी के स्तर में गिरावट जारी
19-Jun-2026 10:58 AM
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश का अभाव रहने तथा तापमान ऊंचा होने से देश भर में 166 प्रमुख बांधों एवं जलाशयों में पानी का स्तर लगातार घटता जा रहा है। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 18 जून 2026 को इन बांधों-जलशयों में मात्र 50.457 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक बचा हुआ था
जो उसकी कुल भंडारण क्षमता का महज 27-19 प्रतिशत था। यह जल स्तर गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत बिंदु नीचे मगर दस वर्षीय औसत के मुकाबले 12 प्रतिशत बिंदु ऊपर रहा। मौसम विभाग ने अब देश के 17 राज्यों में वर्षा का अलर्ट जारी किया है जिससे वहां जल स्तर में सुधार आ सकता है।
आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तरी क्षेत्र के बांधों में 6.58 बीसीएम पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता का 33.2 प्रतिशत है। गत वर्ष की समान अवधि में इन जलाशयों में 29.2 प्रतिशत पानी का भंडार मौजूद था। उत्तरी क्षेत्र के राज्यों में पंजाब, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के जलाशय शामिल हैं।
देश के पूर्वी भाग में पानी का स्टॉक घटकर चिंताजनक स्तर तक नीचे आ गया है जबकि खरीफ सीजन के दौरान वहां धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। धान की फसल को पानी की सर्वाधिक जरूरत पड़ती है।
पूर्वी क्षेत्र के जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर 4.55 बीसीएम रह गया है जो कुल भंडारण क्षमता का 20.9 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि के स्टॉक 23.5 प्रतिशत से नीचे है। पूर्वी क्षेत्र के जिन राज्यों के जलाशय इस सूची में दर्ज किए गए हैं उसमें आसाम, मेघालय, त्रिपुरा, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड एवं नागालैंड आदि सम्मिलित हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रदर्शन 17 जून तक काफी कमजोर रहा और देश में सामान्य औसत के मुकाबले 40 प्रतिशत कम बारिश हुई। कुछ राज्यों में वर्षा की कमी 75 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव से मानसून की वर्षा कम होने की संभावना है।
