चालू सीजन में पाम तेल का आयात तेजी से बढ़ने के आसार

24-Nov-2025 12:44 PM

मुम्बई। इंडोनेशिया मलेशिया एवं थाईलैंड जैसे शीर्ष निर्यातक देशों में 2024-25 मार्केटिंग सीजन के अधिकांश दिनों तक पाम तेल का निर्यात ऑफर मूल्य सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल से ऊंचा रहा जिससे भारत में इसके आयात में कमी आ गई।

लेकिन 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान पाम तेल के आयात में जोरदार बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है क्योंकि इसका दाम घटकर प्रतिस्पर्धी स्तर पर आ गया है। मलेशिया में पाम तेल का बकाया अधिशेष स्टॉक बढ़कर काफी ऊंचे स्तर पर पहुंचने से कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। 

उद्योग व्यापार समीक्षकों का मानना है कि 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान भारत में पाम तेल के सकल आयात में 15-20 प्रतिशत तक का भारी इजाफा हो सकता है।

सॉल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के अध्यक्ष ने पाम संवर्ग के क्रूड एवं रिफाइंड खाद्य तेलों का सकल आयात 2024-25 सीजन के 75.80 लाख टन से उछलकर 2025-26 के सीजन में 93 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।

उल्लेखनीय है कि 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान पाम तेल के आयात में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आ गई।

वर्तमान समय में पाम तेल का निर्यात ऑफर मूल्य आपूर्तिकर्ता देशों में घटकर सोयाबीन तेल से करीब 100 डॉलर तथा सूरजमुखी तेल से लगभग 200 डॉलर प्रति टन नीचे आ गया है। इससे भारतीय रिफाइनर्स को क्रूड पाम तेल का आयात बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल रहा है। 

जहां तक सोया तेल का सवाल है तो भारत में इसका आयात 2024-25 सीजन के दौरान उछलकर 54.70 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जबकि 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के दौरान इसमें कुछ और बढ़ोत्तरी हो सकती है।

दूसरी ओर इसी अवधि में सूरजमुखी तेल का आयात 29 लाख टन से लुढ़ककर 20-25 लाख टन के बीच सिमट जाने की संभावना है क्योंकि काला सागर क्षेत्र के देशों और खासकर यूक्रेन, रूस तथा रोमानिया में प्रतिकूल मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से सूरजमुखी की फसल को नुकसान होने के कारण इसके तेल का भाव ऊंचा हो गया है। भारतीय रिफाइनर्स पाम तेल के अग्रिम सौदे कर रहे हैं।