चना की बदौलत रबी कालीन दलहनों का रकबा गत वर्ष से आगे
30-Dec-2025 08:19 PM
नई दिल्ली। पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान सिर्फ चना को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र में कमी आई है।
लेकिन चना के रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी होने के कारण दलहनों का कुल क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे चल रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि अन्य दलहनों की बिजाई में जोरदार गिरावट नहीं आई है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान 26 दिसम्बर तक दलहन फसलों का कुल बिजाई क्षेत्र बढ़कर 133.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के उत्पादन क्षेत्र 129.79 लाख हेक्टेयर से 3.65 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
इसके तहत चना का क्षेत्रफल तो 91.22 लाख हेक्टेयर से उछलकर 95.88 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन मसूर का उत्पादन क्षेत्र 8.27 लाख हेक्टेयर से गिरकर 7.92 लाख हेक्टेयर रह गया।
इसी तरह मसूर का बिजाई क्षेत्र 16.85 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 17.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर कुलथी का रकबा 238 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.84 लाख हेक्टेयर पर आ गया।
इसके अलावा उड़द का उत्पादन क्षेत्र 3.86 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.63 लाख हेक्टेयर तथा खेसारी का रकबा 2.84 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.82 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।
मूंग का बिजाई क्षेत्र 50-52 हजार हेक्टेयर के गत वर्ष के आसपास ही स्थिर है जबकि अन्य दलहनों क्षेत्र पिछले साल के 3.86 लाख हेक्टेयर से गिरकर मौजूदा रबी सीजन में 3.76 लाख हेक्टेयर रह गया।
रबी सीजन के सबसे प्रमुख दलहन-चना की खेती में भारतीय किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है। महाराष्ट्र राजस्थान एवं गुजरात जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में चना के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है लेकिन मध्य प्रदेश एवं कर्नाटक सहित कुछ अन्य प्रांतों में बिजाई उत्साहवर्धक नहीं है।
मसूर का रकबा पहले पिछड़ रहा था मगर अब गत वर्ष से 21 हजार हेक्टेयर आगे हो गया है। 2024-25 के पूरे रबी सीजन में दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 134.08 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था।
