चीनी का एमएसपी बढ़ाने की उद्योग की मांग पर सरकार करेगी विचार

18-Nov-2025 06:27 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा है कि सरकार ने 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति प्रदान कर दी है और अब चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोत्तरी करने की उद्योग की मांग पर विचार किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि अंतिम बार फरवरी 2019 में चीनी का एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल से 200 रुपए बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था।

उसके बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है जबकि इस बीच गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य में प्रत्येक साल वृद्धि होती रही।

शीर्ष उद्योग संस्था- इस्मा द्वारा सरकार से चीनी का एमएसपी 4000 रुपए प्रति क्विंटल नियत करने की मांग की जा रही है क्योंकि इसका लागत खर्च काफी ऊंचा हो गया है।

खाद्य मंत्री के अनुसार 2024-25 सीजन के दौरान सरकार द्वारा उद्योग को 10 लाख टन की अनुमति दिए जाने से चीनी का घरेलू बाजार भाव लगभग स्थिर बना रहा और अब हाल ही में 2025-26 सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस निर्यात का चीनी के मूल्य पर पड़ने वाले प्रभाव का आंकलन किया जाएगा और उसके बाद ही चीनी के एमएसपी में बढ़ोत्तरी करने या नहीं करने का निर्णय लिया जाएगा। 

2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान 10 लाख टन के निर्यात कोटे में से करीब 8 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ। इसके लिए उद्योग का कहना है कि निर्यात की स्वीकृति काफी देर से यानी जनवरी 2025 में दी गई जबकि मार्केटिंग सीजन अक्टूबर 2024 में ही आरंभ हो गया था।

इससे निर्यात के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इस बार घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी की संभावना को देखते हुए सरकार ने निर्यात की अनुमति देने का जल्दी ही फैसला कर लिया चीनी का एमएसपी बढ़ने पर इसका घरेलू बाजार भाव कुछ और सुधर सकता है।