चीनी की मांग एवं आपूर्ति में संतुलन से बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव

09-Oct-2024 07:35 PM

नई दिल्ली । उत्तरी भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रस्थान कर चुका है और अगले तीन चार दिनों में यह गुजरात, मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र से भी प्रस्थान कर जाएगा लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश में वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है क्योंकि एक तरफ लौटते दक्षिण-पश्चिम मानसून अपना कुछ असर दिखा सकता है तो दूसरी ओर उत्तर पूर्व मानसून का भी वहां आगमन हो जाएगा। 

गन्ना की क्रशिंग तथा चीनी के उत्पादन का नया मार्केटिंग सीजन औपचारिक तौर पर 1 अक्टूबर 2024 से आरंभ हो चुका है लेकिन मिलों की गतिशीलता बढ़ने में कुछ समय लगेगा।

सरकार ने अक्टूबर के त्यौहारी माह में घरेलू प्रभाग में बिक्री के लिए 25.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी किया है जिससे इसकी मांग एवं आपूर्ति के बीच काफी हद तक संतुलन बनने की संभावना है।

चीनी का भाव सीमित उतार-चढ़ाव के साथ एक निश्चित दायरे में स्थिर बना हुआ है और सरकार भी बाजार पर गहरी नजर रख रही है।

कीमतों में एकाएक तेज उछाल आने पर चीनी का फ्री सेल कोटा बढ़ाने से सरकार नहीं हिचकेगी- यह बात मिलर्स को पता है। भारी-भरकम त्यौहारी मांग भी नहीं देखी जा रही है क्योंकि खरीदारों को चीनी के स्टॉक की उपलब्धता के बारे में कोई चिंता नहीं है। 

महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश में आमतौर पर 15 अक्टूबर के बाद ही गन्ना की क्रशिंग शुरू होती है जबकि कर्नाटक एवं तमिलनाडु में जुलाई-अगस्त के स्पेशल सेशन के बाद चीनी मिलों को कुछ आराम दिए जाने की परिपाटी रही है।

बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, झारखंड एवं आंध्र प्रदेश तथा गुजरात जैसे राज्यों में थोड़े अंतराल के बाद चीनी का उत्पादन शुरू होता है। 

उद्योग के पास चीनी का अच्छा खासा अधिशेष स्टॉक मौजूद है इसलिए सरकार इसके बाजार भाव में आने वाली तेजी को नियंत्रित करने हेतु ठोस कदम उठाने  में सक्षम है।

चीनी के व्यापारिक निर्यात पर पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है और निकट भविष्य में इसके हटाए जाने की संभावना भी नहीं दिखाई पड़ रही है। चीनी का बाजार सामान्य उतार-चढ़ाव के दायरे में रहेगा।