चीनी का उत्पादन 225 लाख टन पर पहुंचा
17-Feb-2026 11:58 AM
नई दिल्ली। शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) का कहना है कि चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती साढ़े चार महीनों में यानी 1 अक्टूबर 2025 से 15 फरवरी 2026 के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन बढ़कर 225 लाख टन पर पहुंच गया जो 2024-25 सीजन की समान अवधि के उत्पादन से 14 प्रतिशत अधिक है। लेकिन क्रियाशील चीनी मिलों की संख्या गत वर्ष के 460 से घटकर इस बार 456 रह गई है।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 32 प्रतिशत उछलकर 90 लाख टन के करीब पहुंच गया। वहां गन्ना की जोरदार क्रशिंग हो रही है और गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में भी वृद्धि देखी जा रही है। पिछले साल 15 फरवरी तक राज्य में 170 इकाइयों में गन्ना की क्रशिंग हो रही थी जबकि चालू वर्ष में 182 चीनी मिलें क्रियाशील है।
इसी तरह एक अन्य प्रमुख उत्पादक राज्य- कर्नाटक में चीनी का उत्पादन गत वर्ष के 36 लाख टन से बढ़कर इस बार 41 लाख टन पर पहुंच गया है। राज्य में अभी 52 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग जारी है जो पिछले साल की संख्या 50 से ज्यादा है।
महाराष्ट्र और कर्नाटक में चालू सीजन के दौरान अभी तक संयुक्त रूप से 55 चीनी मिलें बंद हुई हैं जबकि पिछले साल 58 इकाइयां बंद हो गई थीं। इससे संकेत मिलता है कि वहां चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति पिछले साल से ज्यादा हो रही है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिणी कर्नाटक की कुछ मिलों में जून-जुलाई से सितम्बर 2026 की अवधि के दौरान विशेष स्तर के तहत गन्ना की क्रशिंग होगी जिससे चीनी का अतिरिक्त उत्पादन संभव हो सकेगा। उत्तर प्रदेश में भी चीनी का उत्पादन 3 प्रतिशत सुधरकर 66 लाख टन के करीब पहुंच गया मगर वहां क्रियाशील चीनी मिलों की संख्या पिछले साल के 119 से घटकर इस बार 111 रह गई है।
