चीन में जीएमओ मामले में चावल निर्यातकों द्वारा सरकार के हस्तक्षेप की मांग
28-Apr-2026 12:31 PM
नई दिल्ली। चीन ने भारत से आयात हुए चावल की कुछ खेपों को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि उसमें जीएम चावल का अंश मौजूद है जबकि हकीकत यह है कि भारत में जीएम चावल के उत्पादन, कारोबार एवं उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है। भारत में विदेशों से चावल का आयात भी नहीं होता है क्योंकि यह स्वयं इसका सबसे बड़ा निर्यातक देश बना हुआ है।
राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में तत्काल प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
यह खबर भी आई थी कि चीन ने दो-तीन भारतीय चावल निर्यातक फर्मों का आयात लाइसेंस रद्द कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि गलत बहाना बनाकर निर्यातकों का लाइसेंस स्थगित किया गया है। वाणिज्य मंत्री को निर्यातकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चीन के साथ बातचीत करनी चाहिए।
एसोसिएशन के अनुसार चीन के अधिकारियों द्वारा अनाप-शनाप बहाना के आधार पर भारत से भेजे गए चावल की खेप को नामंजूर कर दिया जिससे निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
हैरानी की बात है कि चीन के आयातक दोबारा भारत से चावल की खरीद कर रहे हैं लेकिन निर्यातक इस बार काफी सतर्क है। एपीडा ने भी कहा है कि भारत से निर्यात होने वाला चावल पूरी तरह गैर जीएम ओ श्रेणी का होता है लेकिन इस स्पष्टीकरण के बावजूद चीन के बंदरगाहों पर चावल की खेपों के साथ समस्या बनी रहती है।
